फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिलर बॉक्स घोटाला: बड़े अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज!

Tue, 29 Jul 2014 08:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद में पिलर बॉक्स घोटाले में बिजली निगम प्रबंधन के अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
विज्ञापन


घोटाले की जांच में जुटी स्टेट विजिलेंस और बिजली निगम विजिलेंस टीम को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं जिनसे यह स्पष्ट होता है कि मैनेजमेंट के कुछ अधिकारियों को सारे घोटालों की जानकारी थी। कुछ अधिकारियों की भूमिका शक के घेरे में है।

पढ़ें:'केजरीवाल जैसे लोग कभी शासक नहीं बन सकते'

टीम स्थानीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान प्रबंधन अधिकारियों के शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि टीम अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
विज्ञापन


साथ ही टीम ने जानकारी देने वाले कर्मचारियों और सामने आए नामों को सार्वजनिक नहीं किया है। लेकिन जांच के दौरान हाथ लगे सुरागों पर टीम ने काम करना शुरू कर दिया है।

पढ़ें:विभाग ने मंत्री जी से क्यों छिपाई जानलेवा बीमारी की जानकारी?

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पूछताछ में अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय अधिकारियों ने बोगस बिलों पर हस्ताक्षर करने से मना किया था। कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों में इस बात को लेकर विवाद हुआ था। बोगस बिलों और कोटेशन आदि पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। जिसकी जानकारी प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों को दी गई थी।

पिलर बॉक्स खरीद में एक्सईएन से लेकर जेई और एसडीओ तक से सामान को लेकर मंजूरी ली गई थी। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर 42 अधिकारियों को घोटाले में लिप्त पाया गया। इनमें से तीन अधिकारियों का निलंबन हो चुका है। जबकि अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है। अब इन्हीं कर्मचारियों ने ऐसे तथ्यों का खुलासा किया है।
विज्ञापन


डीजी विजिलेंस मनिंदर सिंह मान ने बताया कि जांच जारी है। जो तथ्य सामने आ रहे है उन पर काम किया जा रहा है। जिन अधिकारियों का निलंबन किया गया है उनसे भी पूछताछ हो रही है। जिसके खिलाफ तथ्य मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें