दुर्लभ आनुवांशिक बीमारियों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वामी दयानंद अस्पताल में कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । दुर्लभ आनुवांशिक बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके उपचार की दिशा में स्वास्थ्य तंत्र को सशक्त बनाने के लिए स्वामी दयानंद अस्पताल में केयर फॉर रेयर : टुगेदर वी विन विषय पर कार्यशाला हुई। इसमें जीनोमिक तकनीक से दुर्लभ बीमारियों की पहचान पर जोर दिया गया। इसका आयोजन मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज(एमएएमसी) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रेयर डिजीज, लोकनायक अस्पताल, नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम(एनएनएफ) दिल्ली व इंडिया और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स(आईएपी) दिल्ली के सहयोग से किया गया। कार्यशाला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संरक्षण में हुई।
कार्यशाला में एमएएमसी के जेनेटिक्स डिविजन की प्रो. सीमा कपूर ने कहा कि आधुनिक जीनोमिक तकनीकों के माध्यम से नवजात शिशुओं में दुर्लभ बीमारियों का प्रारंभिक चरण में पता लगाया जा सकता है। स्वामी दयानंद अस्पताल में बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों के मरीजों के लिए शुरुआती निदान, नवजात स्क्रीनिंग और बहु-विषयक उपचार प्रणाली बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. बी. एल. चौधरी, स्वामी दयानंद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरोत्तम दास, एनएनएफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. लालन भारती, आईएपी दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. अजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।