निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज में चीन के भी सात नागरिक मार्च की शुरुआत में आए थे। उस समय चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप था। माना जा रहा है कि इन चीनी नागरिकों की वजह से ही मरकज में आए अन्य जमाती कोरोना से संक्रमित हुए थे। दूसरी तरफ, जामिया नगर व शाहीन बाग की 14 मस्जिदों में 258 विदेशी नागरिक मिले हैं। इन सभी को क्वारंटीन किया गया है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ये चीनी मार्च की शुरुआत में ही मरकज में आ गए थे। ये 20 मार्च के बाद मरकज से चले गए। बाद में ये पुल प्रह्लादपुर इलाके की मस्जिद से अन्य विदेशियों के साथ मिले। इन्हें तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी स्थित डीजल ट्रेनिंग सेंटर में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। इस सेंटर में 75 से ज्यादा विदेशी हैं। माना जा रहा है कि इन चीनी नागरिकों की वजह से ही मरकज में कोरोना फैला। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा इसकी जांच कर रही है।
दूसरी तरफ, जामिया नगर, शाहीन बाग व बटला हाउस में स्थित 14 मस्जिदों की तलाशी ली गई तो वहां से 258 विदेशी नागरिक मिले। इन सभी को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (एनएफसी) में स्थित जोगाबाई सरकारी स्कूल में बनाए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। इस सेंटर की सुरक्षा स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हवाले है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की टीम भी तैनात कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन सभी विदेशी नागरिकों का वीजा अप्रैल महीने के आखिर तक वैध है।
क्वारंटीन सेंटर की सुरक्षा कड़ी करने के आदेश
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्वारंटीन सेंटर की सुरक्षा कड़ी करने का आदेश दिया है। यहां स्थानीय पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी विदेशी किसी सेंटर से भाग न जाए। सेंटर से कोई संदिग्ध गायब हुआ तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।