फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: सेल्स टैक्स अधिकारी बनकर सरिया से लदे ट्रॉला को रोका, चालक का अपहरण कर लूटा 41.4 टन सरिया

विज्ञापन
विज्ञापन
चालक को राजस्थान के गांव पिरुका की पहाड़ियों में छोड़कर फरार हो गए आरोपी
विज्ञापन

सरिये की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही, पुलिस कर रही है जांच
संवाद न्यूज एजेंसी


पलवल।
सेल्स टैक्स विभाग का अधिकारी बनकर बदमाशों ने सरिये से लदे ट्रॉले को रुकवाया और चालक से मारपीट कर उसका अपहरण कर लिया। आरोपी चालक से मोबाइल और पर्स छीनने के बाद उसे राजस्थान के गांव पिरुका की पहाड़ियों में छोड़कर फरार हो गए। आरोपी ट्रॉले में लदा 41.4 मीट्रिक टन सरिया भी लूट ले गए, जिसकी कीमत करीब 25 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने ट्रॉला मालिक की शिकायत पर पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। विकासपुरी दिल्ली निवासी योगेश गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सरिये का डिस्ट्रीब्यूटर है। उसने झारखंड ट्रांसपोर्ट कंपनी से ट्रॉला किराये पर लिया था। ट्रॉला चालक मोहम्मद मुबारक खान पांच सितंबर को बोकारो से 41.4 मीट्रिक टन 16 एमएम सरिया लोड कर गुरुग्राम के लिए निकला था। उसके साथ एक अन्य ट्रॉला में नईम अख्तर भी चल रहा था। शिकायत के अनुसार, आठ सितंबर की रात टप्पल से अलीगढ़ होते हुए दोनों ट्रॉला पलवल पहुंचे। केएमपी फ्लाईओवर के नीचे एक बिना नंबर की सफेद बोलेरो उनके पीछे-आगे चलने लगी। कुछ देर बाद बोलेरो आगे निकल गई। मुबारक जब सोहना रोड पर सेक्टर-12 मोड़ से आगे पहुंचा तो वही बोलेरो दोबारा सामने आ गई। उसमें सवार एक व्यक्ति ने खुद को सेल्स टैक्स विभाग का कर्मचारी बताते हुए कागजात मांगे।
आरोप है कि इसके बाद बदमाशों ने चालक को जबरन ट्रॉला से उतारकर उसके साथ मारपीट की और हथियार के बल पर बोलेरो में डाल लिया। उसका मोबाइल और पर्स छीन लिया गया। पर्स में आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रॉला की आरसी और बैंक एटीएम कार्ड समेत अन्य दस्तावेज थे। बदमाशों ने चालक की आंखों पर गमछा बांध दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए उसे राजस्थान की पहाड़ियों में छोड़ दिया।
विज्ञापन

शहर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
2025 में भी फर्जी पुलिसकर्मी बनकर करीब एक करोड़ की लूट की थी : पिछले वर्ष अगस्त महीने में नेशनल हाईवे-19 पर बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर एक यात्री से एक करोड़ रुपये लूट लिए थे। राजस्थान निवासी रामप्रमेश्वर शर्मा गुवाहाटी के व्यापारी के यहां काम करता था और वृंदावन से एक करोड़ रुपये लेकर राजस्थान जा रहा था। बघौला फ्लाईओवर के नीचे बस में सवार पांच बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और बैग में गांजा होने का आरोप लगाकर उससे मारपीट की। इसके बाद उसे जबरन नीली कार में बैठाकर मोबाइल और तीन बैग छीन लिए थे। बदमाश उसे अगवानपुर गांव के जंगल में छोड़कर फरार हो गए थे।
2025 में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर दंपती से की थी लूट : पलवल में सीबीआई अधिकारी बनकर दंपती के लूट का मामला सामने आया था। आरोपियों ने लिफ्ट देने के बहाने अलीगढ़ निवासी दंपती को झांसे में लेकर 20 हजार रुपये और छह ग्राम के सोने के कुंडल ठग लिए थे। शिकायतकर्ता सतवीर सिंह पत्नी भूरी देवी के साथ हसनपुर जा रहे थे। केएमपी कट के पास उन्हें एक युवक मिला, जिसने खुद को सैनिक बताया। कुछ देर बाद कार सवार दो लोगों ने हसनपुर जाने की बात कहकर दोनों को लिफ्ट दे दी। आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर जांच के नाम पर दंपती से नकदी और आभूषण एक लिफाफे में रखवा लिए। बामनीखेड़ा फ्लाईओवर पर उतारने के बाद आरोपियों ने दूसरा लिफाफा थमा दिया। खोलने पर उसमें कागज मिले थे।
विज्ञापन

अप्रैल 2026 में अधिकारी बनकर सर्राफा कारोबारी से 31 लाख और 30 तोला सोना लूटा था : हथियारबंद बदमाशों ने खुद को डीआरआई अधिकारी बताकर सर्राफा कारोबारी की कार को घेरकर 31 लाख रुपये नकद और करीब 30 तोला सोना लूट लिया था। वारदात के बाद बदमाश कारोबारी के कर्मचारी को अगवा कर गुरुग्राम में छोड़कर फरार हो गए। मुख्य बाजार स्थित जेएस सर्राफ एंड संस के संचालक विकास जैन की कार सुबह करीब साढ़े छह बजे दिल्ली के लिए निकली थी। कार में चालक राजकुमार और कर्मचारी विजय सवार थे। धर्मा ढाबे के पास अर्टिगा, क्रेटा समेत तीन वाहनों में सवार करीब 10-12 बदमाशों ने कार को घेर लिया। हथियारों के बल पर उन्होंने नकदी और सोना कब्जे में ले लिया और विजय को साथ ले गए। बाद में उसे गुरुग्राम में छोड़ दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें