2016 में हाईवे पर हुए सड़क हादसे में गांव बंचारी निवासी शिवकुमार की हादसे में चली गई थी जान
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लघु सचिवालय में तब से पुलिस ने कंटेनर ट्राला को जब्त कर यहीं खड़ा किया था, विभाग में हड़कंप संवाद न्यूज एजेंसी होडल। लघु सचिवालय परिसर में दस साल पहले हाइवे पर एक कंटेनर ने युवक को कुचल दिया था। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप है कि तब से लघु सचिवालय में खड़े कंटेनर को खुद को वकील बताने वाला एक युवक अदालत का फर्जी रिलीज आदेश दिखाकर कंटेनर वहां से ले गया और बाद में उसे कबाड़ी को बेच दिया। दिनदहाड़े लघु सचिवालय परिसर से कंटेनर गायब होने की घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एसडीएम व डीएसपी की नाक के नीचे से लापता हुए, कंटेनर को लेकर थाना पुलिस अदालत के नाम से जारी किए गए फर्जी रिलीज आदेश की प्रति को अदालत के कार्यालय से सत्यापन कर अदालत में प्रैक्टिस कर रहे एक वकील से पूछताछ करने में भी जुटी हुई है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ कंटेनर चोरी का केस दर्ज किया है
9 फरवरी 2016 को नेशनल हाईवे पर हुए सड़क हादसे में गांव बंचारी निवासी शिवकुमार की मौत के मामले उसके भाई लक्ष्मण की शिकायत पर होडल थाना पुलिस ने सीमेंट के बड़े पाइप की पुलिया से भरे कंटेनर को जब्त कर लघु सचिवालय परिसर में खड़ा कर दिया। 2017 में चोरों ने इस कंटेनर के टायरों को भी चुरा लिया। थाना पुलिस ने इस मामले चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया। लेकिन तब से लेकर गत दिनों तक ट्राला लघु सचिवालय में खड़ा था। वहीं,13/14जून को शनिवार व रविवार को स्थानीय अदालत में अपने आप को वकील बताकर एक व्यक्ति हाइड्रा से सीमेंट को बड़े पाइपों को लघु सचिवालय में खाली कर दिनदिहाड़े चुरा ले गया। जब लोगों से अवकाश के दिन कंटेनर ट्राला ले जाने के मामले में पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी ने पुलिस के पास अदालत से फर्जी मुकदमा नंम्बर का रिलीज आदेश भेजकर ट्राला ले गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में ट्राला के लघु सचिवालय से गायब होने की चर्चा फैल गई।
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ट्राला के लापता होने की सूचना छुट्टी से आए थाना प्रभारी सुंदरपाल सिंह को मिली तो उन्होंने मामले में जांच शुरू की। मामले में पुलिस ने जांच के दौरान अज्ञात के खिलाफ कंटेनर ट्राला चोरी करने का केस दर्ज किया है। वहीं, पुलिस के रिकॉर्ड में जप्त कंटेनर ट्राला चोरी होने से सरकारी कार्यालय में कोई सामान सुरक्षित नहीं होने की पोल खुल गई।
बताया जा रहा है कि 13 और 14 जून को अवकाश के दौरान एक व्यक्ति ने स्वयं को वकील बताते हुए हाइड्रा क्रेन की मदद से ट्राले में रखी सीमेंट की पाइपें उतरवाईं और अदालत से जारी कथित रिलीज आदेश दिखाकर कंटेनर ट्राला वहां से ले गया। बाद में जांच में सामने आया कि रिलीज आदेश और मुकदमा संख्या फर्जी हो सकती है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में ट्राला गायब होने की चर्चा फैल गई।