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सरकार पर टिकी इन बेबस किसानों की आस

Tue, 07 Apr 2015 11:20 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नोएडा
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हम बर्बाद हो गए सरकार ...भारी नुकसान हो गया। अपनी बर्बाद हुई फसल में से जानवरों के लिए चारे की कटाई करते हुए ऊंचा अमीपुर के किसान की आंखों में बेबसी के आंसू दिखे।
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गेहूं की तैयार फसल को निहारते-निहारते जब कटाई का वक्त आया तभी ओला और बे-मौसम बरसात ने सब पर पानी फेर दिया। अब किसानों की नजर सरकार पर टिक गई है।

लेकिन  सरकार उन तक पहुंचे और राहत का काम शुरू हो तब बात बने। प्रशासन कुछ खेतों को ही देखकर ज्यादा नुकसान नहीं होने की बात कर रहा है। किसानों के सदमे में होने को घरेलू कलह तक करार दिया जा रहा है।

बरसात और तूफानी हवा से फसल नष्ट होने की सूचना एकत्र करने के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर जिला मुख्यालय पर किसान कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। क्षेत्र के किसान दूरभाष नंबर 0120-2560044 पर अपनी सूचना या शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि जनपद का कोई भी किसान अपनी फसल के नुकसान के संबंध में संबंधित नंबर पर जानकारी दर्ज करा सकता है। शिकायत की जांच संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी और तहसीलदार एवं कृषि विभाग के अधिकारी के माध्यम से कराया जाएगा।

कुछ प्रकरणों में उनके द्वारा कंट्रोल रूम के लिए नोडल अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त) महेंद्र प्रसाद द्वारा भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में आए तूफान से हुए नुकसान का सर्वे जिला प्रशासन की ओर से कराया गया है, जिसमें जनपद में 27 हेक्टेयर फसलों को 25 से 50 फीसदी क्षति हुई है।

वहीं 65 हेक्टेयर फसल को 50 प्रतिशत से अधिक की क्षति हुई थी। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल को हुई बरसात से फसलों को हुए भारी क्षति के आकलन के लिए संबंधित किसान कंट्रोल रूम में जानकारी दे सकता है। सूचना पर किसान की फसल का मौके पर जाकर प्रशासन के द्वारा पुनं आकलन कराया जाएगा।
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