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जानें क्या होती हॉस्पिटल पूलिंग पॉलिसी: दिल्ली के इन अस्पतालों में मिलेगी मरीजों को सुविधाएं, ऐसे मिलेगा फायदा

Mon, 06 May 2024 08:46 AM IST
अनुज कुमार आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली नगर निगम अपने अस्पतालों में जल्द ही पूलिंग पॉलिसी लागू करने जा रहा है। मरीजों को अस्पतालों में बेड के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी मरीजों को एक प्लेटफॉर्म पर मिल सकेंगी। 
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अस्पताल (फाइल फोटो) - फोटो : iStock
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विस्तार
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नगर निगम अपने सभी आठ अस्पतालों में जल्द ही ‘हॉस्पिटल पूलिंग पॉलिसी’ लागू करेगा। इसका सीधा फायदा मरीजों को होगा। मरीजों को अस्पतालों में बेड के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। निगम के एक प्लेटफॉर्म पर सभी अस्पतालों की जानकारी होगी, जहां से पता चलेगा कि कौन से अस्पताल में कितने बेड भरे और कितने खाली हैं। मरीजों को तत्काल उस अस्पताल में भेज दिया जाएगा, जहां उस समय बेड उपलब्ध होगा।

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हॉस्पिटल पूलिंग पॉलिसी के तहत एक से दूसरे अस्पतालों के बीच डॉक्टरों का आदान प्रदान भी होगा। जरूरत पड़ने पर एक अस्पताल के डॉक्टर को दूसरे अस्पताल में भेजने की व्यवस्था रहेगी। अस्पताल आपस में दवाइयों और बाकी जरूरी संसाधन भी साझा करेंगे। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए प्रो एसके सरीन की अध्यक्षता में दिल्ली हाईकोर्ट की समिति ने हाल ही में एक निर्देश दिए हैं, जिसके उपरांत एमसीडी ने अपने सभी अस्पतालों में समान रूप से सुविधाएं बढ़ाने के लिए ये निर्णय लिया है और बिना देर किए ये पॉलिसी लागू करने का काम शुरू किया है। 

300 पैरा मेडिकल स्टाफ की जरूरत
एमसीडी अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इनके पास दवाइयों की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा अस्पतालों में जो भी जरूरी मशीनरी की जरूरत है, इनके रेट कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट (आरसीए) पहले से है। जल्द ही नया एग्रीमेंट भी पूरा हो जाएगा। करीब 300 पैरा मेडिकल स्टाफ की जरूरत है। इसके लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

पांच हफ्ते में व्यवस्था करने के आदेश  
समिति ने सभी स्वास्थ्य एजेंसियों से अस्पतालों के डेटा इकट्ठा करने, इनका विश्लेषण करने और करीब 5 हफ्ते में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन, फिजियोथिरेपिस्ट, फार्मासिस्ट इत्यादि के खाली पदों को भरने और जरूरी दवाइयां व मशीनरी की व्यवस्था करने के लिए कहा है। 

500 बेड से कम के अस्पतालों में कुल बेड के 5-10 फीसदी आईसीयू बेड और 500 बेड से ज्यादा के अस्पतालों में कुल बेड के करीब 20 फीसदी आईसीयू बेड की व्यवस्था करने के लिए भी कहा है। दिल्ली के मुख्य सचिव और प्रधान स्वास्थ्य सचिव को ये जिम्मेदारी दी है कि वे इसके लिए सुव्यवस्थित रोड मैप तैयार कराएं। इसके अलावा दिल्ली के प्रधान स्वास्थ्य सचिव को चार हफ्ते में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। 
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320 डॉक्टर मांगे हैं यूपीएससी से
एमसीडी के अस्पताल प्रशासन विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से कुल 320 डॉक्टरों की मांग की है। इसकी फाइल आयोग को भेज दी गई है। संविदा पर भी डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है। चुनाव के बाद 86 स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए साक्षात्कार शुरू होने की उम्मीद है।
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