दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 388 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 378, गाजियाबाद में 347 और गुरुग्राम में 320 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 190 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 18.099 फीसदी रहा। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 1.275, निर्माण गतिविधियों से 2.784, पेरिफेरल उद्योग से 4.152 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 4.626 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1050 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 4500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 335.5 और पीएम2.5 की मात्रा 192.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर और बेहद खराब दर्ज की गई।