दूसरी तरफ सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन तक प्रदूषण के स्तर में ज्यादा सुधार होने की उम्मीद नहीं है। थोड़ी राहत इस वजह है कि धरती की ऊपरी सतह पर हवा की चाल धीमी होने से पुआल को जलाने से पैदा होने वाला प्रदूषण दिल्ली नहीं पहुंच रहा है।
लेकिन स्थानीय स्तर पर होने वाले प्रदूषण रात में पीएम 2.5 के स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। प्रदूषकों का फैलाव न होने से दिल्ली में पीएम2.5 खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है।
सफर के मुताबिक, शनिवार के पीएम 10 व पीएम2.5 का स्तर 339 व 226 से बढ़कर रविवार को 363 व 242 हो सकता है। सोमवार को भी इसमें ज्यादा कमी होने की उम्मीद नहीं है।
सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम चार बजे तक पिछले 24 घंटे का औसत वायु प्रदूषण सूचकांक 401 पर रहा। शुक्रवार की अपेक्षा इसमें 25 अंकों का सुधार आया है। सीपीसीबी का कहना है कि मौसमी परिस्थितियां खराब रहने से दिवाली के प्रदूषण में बहुत धीरे-धीरे सुधार आ रहा है।
उधर, शनिवार को लगातार दूसरे दिन फरीदाबाद की हवा खतरनाक स्तर पर रही। शहर का सूचकांक 440 पर था। जबकि गाजियाबाद का सूचकांक 403 व ग्रेटर नोएडा का 420 था। नोएडा व गुरूग्राम का सूचकांक बेहद खराब रहा। गुरूग्राम का सूचकांक 396 व नोएडा का 386 था।
राजधानी में सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाका शनिवार को वजीरपुर रहा। बीते 24 घंटे में इलाके का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 458 दर्ज किया गया। जबकि दूसरे नंबर पर प्रदूषित जनकपुरी का सूचकांक 450 था।
इसके अलावा अशोक विहार, आनंद विहार, बवाना, बुराड़ी, मथुरा रोड, डीटीयू, द्वारका, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, मुंडका, नरेला, नेहरू नगर, ओखला, पटपडग़ंज, पंजाबी बाग जैसे इलाकों में भी वायु की गुणवत्ता 400 से ऊपर खतरनाक स्तर पर बनी रही।