सीपीसीबी के अनुसार, सफदरजंग हवाई अड्डे पर बुधवार सुबह 6:30 बजे सबसे कम दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। दूसरी ओर, पालम हवाई अड्डे पर 7:00 बजे सबसे कम दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से 12 किमी प्रति घंटे की गति वाली हवा के साथ मुख्य रूप से साफ आसमान की स्थिति रही। दूसरी ओर, एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 408 दर्ज किया गया, यह गंभीर श्रेणी है। वहीं, गुरुग्राम में 350, गाजियाबाद में 362 और ग्रेटर नोएडा में 387 एक्यूआई दर्ज किया गया।
इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 274 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के बुधवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर रही। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 8500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
पीएम10 और पीएम2.5 का स्तर रहा इतना
दूसरी ओर, शाम चार बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 395.2 और पीएम2.5 की मात्रा 246.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर और कई में बेहद खराब में रिकॉर्ड की गई। दीपावली के बाद से दिल्ली में कई इलाकों में एक्यूआई खराब और बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है, जबकि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-3 (ग्रेप-3) के प्रतिबंध अब भी लागू हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, दिल्ली में सड़क से उड़ने वाली प्रदूषण की 1.38 फीसदी भागीदारी रही।