लॉकडाउन-3 में मिली रियायतों से सड़कों पर बढ़ी चहलकदमी का असर दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा पर पड़ा है। करीब डेढ़ महीने ग्रीन जोन में रही हवा एक बार फिर रेड जोन की तरफ चल पड़ी है। 5 मई को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन अंकों में प्रवेश कर गया है। खास बात है कि लॉकडाउन-3 में प्रभावी प्रदूषकों के तौर पर धूल के महीन कणों पीएम 2.5 व पीएम 10 के साथ ओजोन ने जगह बनाई है। सफर का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में इसमें बेहतरी की ज्यादा उम्मीद नहीं बनती।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि लॉकडाउन-1 व 2 मेें दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार आया था। करीब डेढ़ महीने वायु गुणवत्ता सूचकांक 50-99 के बीच संतोषजनक स्तर पर रहा, लेकिन लॉकडाउन-3 में प्रवेश करने के साथ गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। 5 मई को सूचकांक औसत दर्जे 119 पर पहुंच गया। अगले पांच दिन में इसमें कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार को यह 144 पर रिकॉर्ड किया गया।
उधर, सफर का पूर्वानुमान है कि हवा की गुणवत्ता में अगले हफ्ते सुधार होने की गुंजाइश नहीं है। इस बीच गुणवत्ता औसत से खराब स्तर की तरफ बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी बड़ी वजह सड़क पर वाहनों का उतरना है। लॉकडाउन-3 में दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। वहीं, निर्माण गतिविधियां भी धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं। दोनों के मिले-जुले असर से हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है।
हवा में ओजोन का स्तर भी बढ़ा
धूल के महीने कणों पीएम 2.5 व 10 के अलावा इस वक्त दिल्ली की हवा में ओजोन का स्तर भी बढ़ा है। तीन दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक में यह प्रभावी रहा है। सफर के वैज्ञानिक गुफरान बेग का कहना है कि इस बीच तापमान बढ़ा है। साथ ही लोगों के बाहर निकलने से हवा में नॉक्स की मात्रा में भी इजाफा हुआ है। दोनों के मिले-जुले असर से ओजोन की मात्रा में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, अभी इसका स्तर मानक 50 से बहुत ऊपर नहीं गया है। आने वाले तीन दिन में इसमें बड़ी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अगर इसका स्तर बढ़ता है तो अस्थमा व फेफड़ों के रोग से पीड़ित लोगों पर बुरा असर पड़ेगा।
फरवरी से अप्रैल के बीच 30 फीसदी घटा प्रदूषण
सफर ने 20 फरवरी से 20 मार्च और 24 मार्च से 25 अप्रैल के बीच हवा की गुणवत्ता का अध्ययन किया है। इसमें नॉक्स व पीएम 2.5 के स्तर के उतार-चढ़ाव पर ज्यादा जोर था। सफर का कहना है कि इस बीच दिल्ली में पीएम 2.5 की मात्रा 31 फीसदी व नॉक्स में 33 फीसदी के करीब गिरावट दर्ज की गई है। इससे दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा साफ-सुथरी रही।
तारीख वायु गुणवत्ता सूचकांक
3 मई 93
4 मई 94
5 मई 119
6 मई 139
7 मई 127
8 मई 134
9 मई 144