पराली के धुएं और अन्य वजहों से शनिवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 94 अंकों के इजाफा हुआ। एक्यूआई औसत श्रेणी से फिर खराब श्रेणी में पहुंच गई। एनसीआर में फरीदाबाद को छोड़कर अन्य शहरों का यही हाल रहा। अहम है कि शुक्रवार को 10 दिनों में दूसरी बार दिल्ली-एनसीआर की हवा औसत श्रेणी में पहुंची थी। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता खत्म होने की वजह से आगामी 2 दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 231 दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह आंकड़ा 137 जबकि बृहस्पितवार को यह 302 के स्तर पर था। इसके अलावा प्रदूषित तत्वों में शामिल पीएम :10 और पीएम : 2.5 के स्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई। शनिवार को पीएम 10 का स्तर 157 के साथ औसत और पीएम 2.5 का स्तर 91 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के साथ खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। एक दिन पहले पीएम 10 का स्तर 105 और पीएम 2.5 का स्तर 54 रहा था।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पराली जलाने की घटनाओं में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की 499 घटनाएं दर्ज की गईं हैं। जिससे उत्पन्न होने वाले पीएम: 2.5 की प्रदूषण में करीब 4 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई।
सफर के अनुसार, फिलहाल हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बना हुआ है और हवा की रफ्तार भी कम है। आगामी 1 दिसंबर तक हवा की रफ्तार कम होने और मौसम की परिस्थितियों की वजह से दिल्ली- एनसीआर की हवा खराब से बहुत खराब श्रेणी में भी पहुंच सकती है।
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
शहर एक्यूआई
फरीदाबाद 171
गुरुग्राम 204
ग्रेटर नोएडा 226
नोएडा 233
गाजियाबाद 240