नोएडा समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में सुधार नहीं आ रहा है। शुक्रवार को भी स्थिति बहुत खराब रही। इसकी वजह से सांस के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। सेक्टर-125 में पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया।
वहीं पीएम 10 का अधिकतर स्तर 459 रहा। मानक के अनुसार पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होना चाहिए। वहीं, सेक्टर-62 में पीएम 2.5 का स्तर 477 और पीएम 10 का अधिकतम स्तर 471 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 के बढ़ने से सांस के मरीजों को बहुत दिक्कत बढ़ जाती है। ये बहुत छोटे कण होते हैं, सांस लेने के दौरान शरीर में चले जाते हैं।
फोर्टिस अस्पताल के वरिष्ठ ब्रेन तथा स्पाइन सर्जन डॉ. राहुल गुप्ता ने कहा कि प्रदूषित हवा न केवल अस्थमा और हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है। बल्कि इससे ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ता है। लोगों को एहतियाती उपाय करने चाहिए ताकि वे अपने आप को प्रदूषण के संपर्क में आने से बचा सकें ।