उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने प्रदूषण के खिलाफ चालान कर एक से 16 अक्तूबर तक 38.43 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया। इनमें से 1702 चालान खुले में कूड़ा जलाने के किए गए हैं, जिससे निगम को 26.48 लाख रुपये का राजस्व मिला। 59 चालान धूल उड़ाने के खिलाफ किए गए हैं। इससे 12 लाख रुपये प्राप्त हुए।
इसके अलावा दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) समेत अन्य एजेंसियों के खिलाफ भी खुले में मलबा डालने को लेकर करीब 86 चालान किए हैं। इसके साथ ही उत्तरी निगम ने एजेंसियों को उनके अंतर्गत आने वाली कच्ची जगहों की सुध लेने के लिए भी कहा है, जो धूल उड़ने का कारण बनती हैं। यह सभी जगह उत्तरी निगम के दायरे में आती हैं, जिनका क्षेत्रफल करीब 16,87,413 वर्ग मीटर है।
निगम के अनुसार, धूल रोकने के लिए प्रतिदिन 134 स्प्रिंकल टैंकर से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, जिससे 1,340 किलोमीटर सड़क को कवर किया जा रहा है। जीपीएस युक्त 18 रोड मैकेनिकल स्वीपर से 650 किलोमीटर सड़क से मिट्टी आदि हटाई जा रही है।