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JNU: अफजल शहादत दिवस का मामला गरमाया

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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में अफजल गुरु शहादत दिवस मनाने का मामला गरमा गया है। घटना के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को कैंपस छात्र राजनीति का अखाड़ा बन गया।
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जेएनयू छात्रसंघ समेत लेफ्ट संगठनों से जुड़े छात्र संगठनों ने अपनी स्टेटमेंट में कार्यक्रम के आयोजन से पल्ला झाड़ लिया। हालांकि कुलपति का कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट व वीडियो फुटेज के आधार पर विवि दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

उधर, कैंपस में बृहस्पतिवार को जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा की अध्यक्षता में विजयी जुलूस निकाला गया। इस दौरान भारत माता की जय, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, भारत की अखंडता व सौहार्द बना रहे, आदि नारे लगाए गए।
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एबीवीपी ने दोषी छात्रों को निलंबित करने की मांग दोहरायी

कुलपति कार्यालय के बाहर एबीवीपी ने दुपहर को विरोध दर्ज करवाया। इस दौरान अफजल गुरु की शहादत दिवस नाम से कार्यक्रम आयोजित करने वाले छात्र ग्रुप समेत पोस्टर में लिखे गए नाम वाले छात्रों को निलंबित करने की मांग दोहरायी।

सौरभ का कहना है कि कैंपस में लगे पोस्टर में छात्रों के नाम हैं, लेकिन विवि ने अभी तक उन छात्रों को कैंपस से निलंबित नहीं किया है।

इसके अलावा वीडियो फुटेज में छात्रों के चेहरे को देखकर उन पर देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज होना चाहिए। पुलिस को मंगलवार को शिकायत दी, लेकिन बृहस्पतिवार तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नहीं किया था कार्यक्रम का आयोजन : कन्हैया

दो दिन की चुप्पी के बाद आखिर जेएनयू छात्रसंघ व लेफ्ट संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी करते हुए कार्यक्रम के आयोजन से पल्ला झाड़ लिया है।

जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया, उपाध्यक्ष शेहला व महासचिव रामा नागा का कहना है कि पोस्टर और स्लोगन जेएनयू छात्रसंघ या लेफ्ट से जुड़े संगठनों के छात्रों ने नहीं लगाए थे। कार्यक्रम का आयोजन भी उन्होंने नहीं किया था।

जेएनयू प्रशासन ने कार्यक्रम की इजाजत देने के बाद एबीवीपी के कहने पर कार्यक्रम रद्द कर दिया, जोकि बेहद गलत था। अफजल गुरु की मौत एक न्यायिक प्रक्रिया की मौत है, जिसपर कार्यक्रम व चर्चा होनी चाहिए। यह शोध का भी विषय हो सकता है।

लेकिन कहीं पर भी देश विरोधी नारे लगने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। कार्यक्रम में अशांति फैलाने का कारण एबीवीपी है। इस स्टेटमेंट में जेएनयू के बाद हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रोहित की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया है।

इसमें यह भी लिखा है कि एबीवीपी कार्यक्रम आयोजित करने वाले छात्रों को निलंबित करने के लिए केंद्र सरकार से दखल की मांग करेगा। इससे साबित होता है कि एबीवीपी ने रोहित मामले में भी ऐसा ही किया था।
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सारा खेल आरएसएस व बीजेपी का

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष व डीएसएफ पदाधिकारी वी लेनिन कुमार का कहना है कि अफजल गुरु पर कार्यक्रम डीएसएफ ने आयोजित नहीं करवाया था। यह सारा खेल आरएसएस व बीजेपी का किया है।

कैंपस का माहौल खराब कर दिया। कैंपस को बदनाम करने की साजिश एबीवीपी की है। यह किसी छात्र संगठन का कार्यक्रम नहीं था बल्कि कुछ छात्रों के समूह ने यह आयोजन अनुमति लेकर किया था, जिसमें जेएनयू प्रशासन ने एबीवीपी के प्रेशर में आकर घुटने टेक दिए।

कुलपति के मुताबिक विवाद मंगलवार को हुआ, लेकिन तीन वरिष्ठ प्रोफेसर की जांच कमेटी का आर्डर मैंने बुधवार को दिया है। उम्मीद है कि शुक्रवार या शनिवार तक रिपोर्ट आ जाएगी। वीडियो भी खंगाले जा रहे हैं। घटना में शामिल किसी भी संगठन या छात्र को बख्सा नहीं जाएगा। मैं खुद पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हूं।

कैंपस में ऐसी घटनाएं किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। मैंने पिछले हफ्ते पदभार संभाला है, इसलिए कार्यक्रम के आयोजन की इजाजत की अभी अधिक जानकारी नहीं है।
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