दिल्ली विधानसभा में पेश की गई सीएजी रिपोर्ट को लेकर दिल्ली में सियासी घमासान जारी है। भाजपा और आम आदमी पार्टी आमने सामने है। कैग की रिपोर्ट पर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच वार पलटवार जारी है। कल विधानसभा में दूसरी कैग रिपोर्ट पेश की गई। जो रिपोर्ट हेल्थ सेक्टर को लेकर है। इसके पहले मंगलवार को शराब नीति पर रिपोर्ट पेश की गई थी।
भाजपा नेता आरपी सिंह ने कैग रिपोर्ट पर कहा, "मेडिकल स्टाफ की कमी है, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है लेकिन बुनियादी चीजें भी नहीं हैं, मोहल्ला क्लीनिक, सरकारी डिस्पेंसरी में थर्मामीटर जैसी बुनियादी चीजें नहीं हैं, बीपी और शुगर चेक करने की मशीन नहीं है। ऐसा लगता है कि काम के नाम पर वे (आप) सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते रहे, मोहल्ला क्लीनिक का ढोल पीटते रहे और जमीन पर कुछ नहीं हुआ। जनकल्याण के लिए कोई सुविधा नहीं थी।"
दिल्ली विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश होने पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, "अब वे(भाजपा) सरकार में हैं, केंद्र में भी उनकी पार्टी है, उपराज्यपाल भी उनकी पार्टी ने ही बनाया है। आपके पास सीबीआई, सीआईडी, एसीबी सब है। पहली बात तो ये है कि जिन चीजों के बारे में कांग्रेस बार-बार कह रही थी कि इसमें भ्रष्टाचार है, वो चीजें अब भाजपा को क्यों मिलीं। अब हमें उम्मीद है कि अगर उन्हें भी फाइलों और चीजों में भ्रष्टाचार दिख रहा है तो वे इसे मुकदमे तक ले जाएंगे।"
आम आदमी पार्टी नेता प्रियंका कक्कड़ ने कैग रिपोर्ट पर कहा, "हम पहले भी यह कह रहे थे और यह देखा जा रहा है कि पहले भी भाजपा सिर्फ आम आदमी पार्टी को गाली देती थी, बाधाएं पैदा करती थी और अब जब वे 27 साल बाद सत्ता में आए हैं, तो उनका ध्यान शासन पर नहीं है, वे आम आदमी पार्टी को गाली देना चाहते हैं, वे अभी भी दोषारोपण का खेल खेल रहे हैं। उन्होंने वादा किया था कि उनकी पहली कैबिनेट बैठक में हर महिला को 2500 रुपये देने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा और इसकी पहली किस्त 8 मार्च को आएगी। मैं भाजपा से अनुरोध करती हूं कि अब जब आप सत्ता में हैं, तो उसी तरह का व्यवहार करें और दिल्ली के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान दें।"
भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा, "मैं कल सदन में था, जिस प्रकार से इस (आप) सरकार ने 11 साल तक अराजकता में इस सदन को चलाया, इस सरकार ने दिल्ली की गाढ़ी कमाई से एकत्र किए गए टैक्स के पैसे को अपनी विलासिता पर खर्च किया, अपनी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनाने के विज्ञापनों पर खर्च किया। दिल्ली का पैसा लूटा, भ्रष्टाचार किया जिसके कारण आज इनमें सदन में बैठकर अपने किए कारनामों को देखने की हिम्मत नहीं है, लेकिन अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए ये बाबा साहेब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह के नाम को ढाल बना रहे हैं।"