सुनपेड़ घटना के चार दिन बाद शनिवार को भी पीड़ित जितेंद्र के घर दलित समाज के लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा। बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजाराम के आने की खबर से बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही आने शुरू हो गए थे।
इनमें जितनी संख्या समाज के लोगों की थी, उससे कहीं ज्यादा बसपा कार्यकर्ताओं की थी। इस वक्त जितेंद्र के घर प्रदेश भर से बसपा पदाधिकारी आ रहे हैं। हर कोई यहां आकर दलित समाज से संगठित होकर आवाज बुलंद करने की अपील कर रहा है।
शनिवार को कई बसपाइयों ने कहा कि संसद में उनके सौ से अधिक प्रतिनिधि हैं, लेकिन कोई भी समाज के बारे में नहीं सोच रहा है। सभी पार्टियों के इशारे पर नाच रहे हैं।
कई बसपा कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार के लोगों ने बसपा सुप्रीमो मायावती को सुनपेड़ गांव में बुलाने का दबाव बनाया। पार्टी उपाध्यक्ष राजाराम ने कहा कि अभी वह बिहार चुनाव में व्यस्त हैं। उनकी भावनाओं से उन्हें अवगत करा दिया जाएगा।