पृथला से बसपा विधायक टेकचंद शर्मा के खिलाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बगावत कर दी है। उन्हें तत्काल पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजाराम से की गई।
शनिवार को सुनपेड़ पहुंचे राजाराम से पार्टी पदाधिकारियों ने विधायक की शिकायत की और पार्टी सुप्रीमो से इस मामले में दखल देने के अनुरोध किया है।
जितेंद्र के घर में चल रही बैठक में बसपा पदाधिकारियों ने कहा कि जिसे वोट देकर समाज ने विधायक बनाया है, वही पार्टी लाइन से हटकर आरोपियों की मदद कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टेकचंद शर्मा ने ही मुख्यमंत्री को समाज के लोगों से नहीं मिलने दिया। पदाधिकारियों का यहां तक कहना था कि विधायक ने ही उनके बच्चों का जबरन दाह संस्कार कराया और दलित समाज पर लाठीचार्ज कराया है।
विधायक पर पहले भी नहीं था भरोसा
कार्यकर्ताओं ने विधायक के खिलाफ जुलूस निकालने और पुतला जलाने की चेतावनी दी। पार्टी उपाध्यक्ष राजाराम ने कहा कि टेकचंद को टिकट देते समय भी उन्हें उन पर भरोसा नहीं था, लेकिन संगठन के दबाव में उन्हें टिकट दिया गया।
उन्होंने कहा कि पार्टी किसी को बनाना जानती है तो उसे मिटाना भी जानती है। इस पूरे मामले से वह पार्टी सुप्रीमो मायावती को अवगत कराएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से कहा कि संगठन के लोग आज से विधायक की बातों को अनदेखा करें। बाकी वह खुद संभालेंगे।
खौफ के साये में परीक्षा देने पहुंचे बच्चे
सुनपेड़ मामले का खौफ स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों औैर उनके अभिभावकों पर साफ देखा जा सकता है। सुनपेड़ गांव में स्थित राजकीय स्कूल में आने वाले बच्चों की संख्या घटना के बाद काफी कम हो गई है।
स्कूल में शनिवार को प्राइमरी इंचार्ज वीना ने अभिभावकों को फोन कर बच्चों को परीक्षा देने के लिए बुलाया। बच्चे परिजनों के साथ खौफ के साये में परीक्षा देने आए।
हालत यह थी कि परीक्षा देने कोई बच्चा अकेला नहीं आया। हर कोई अभिभावकों के साथ पहुंचा। अंदर परीक्षा चल रही थी और बाहर अभिभावक डटे रहे।
परीक्षा छूटने पर बच्चों को साथ ले गए। गौरतलब है कि सुनपेड़ गांव में 19-20 अक्तूबर की रात को हुई घटना के बाद से स्कूल में छुट्टी का सा माहौल है। 23 अक्तूबर को परीक्षा की सूचना अभिभावकों को फोन पर दी गई, ताकि बच्चों का साल खराब न हो।