जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) राजनीतिक का अखाड़ा बन गया है। लेफ्ट संगठन जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया को रिहा करवाने की मांग कर रहे हैं तो एबीवीपी दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए मोर्चा खोले हुए है।
छात्रों के बीच राहुल गांधी, डी राजा,अजय माकन, सीतराम येचुरी जैसी राजनीतिक हस्तियों ने माहौल की गर्मी को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक हस्तियों की और आमद रोकने की खातिर शनिवार देर शाम को नेताओं और बाहरी लोगों के कैंपस में प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
जेएनयू कैंपस में शुक्रवार देर रात से माहौल गर्म होना शुरू हुआ, जोकि शनिवार देर शाम तक यह एक नए आंदोलन की शक्ल लेने लगा। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के कस्तुरी रंगन शनिवार सुबह ही कैंपस पहुंच गए।
कैंपस में देश विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता
शनिवार को छुट्टी होती है, लेकिन कुलाधिपति के आने के चलते कुलपति समेत शिक्षक भी कार्यालय में मौजूद रहे। कुलाधिपति के कस्तुरी रंगन ने कुलपति ऑफिस में दो प्रोफेसर और दो विश्वविद्यालय कर्मियों को बुलाया और घटनाक्रम की जानकारी दी।
शिक्षकों समेत अन्य कर्मियों ने कुलाधिपति के समक्ष कहा कि कैंपस में देश विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इसमें शामिल छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि इस मुद्दे पर शिक्षक दो धड़ों में बंट गए हैं। लेफ्ट विचारधारा के शिक्षक शुक्रवार रात कैंपस में विरोध जुलूस निकालते दिखे। कुलपति ऑफिस के बाहर कुछ शिक्षक आरोपी छात्रों पर सख्त कार्रवाई तो दूसरी ओर अन्य शिक्षक कन्हैया की रिहाई की मांग करते दिखे।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पुलिस के कैंपस में आने पर रोक लगा दी है
शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कन्हैया समर्थक छात्रों से मिलने जेएनयू पहुंच गए। राहुल के आने से पहले ही अजय माकन, आनंद शर्मा, डी राजा और सीताराम येचुरी यहां आ चुके थे।
कुलपति ऑफिस के सामने एबीवीपी और लेफ्ट संगठनों के छात्र पहले ही आरोप प्रत्यारोप के साथ विरोध दर्ज करवा रहे थे। इसी बीच राहुल के आते ही एबीवीपी ने राहुल गांधी को काले झंडे दिखाते हुए गो बैक राहुल के नारे लगाने शुरू कर दिए। राहुल के आने पर छात्र आपस में भिड़ने लगे।
आरोपी छात्रों को पकड़ने के लिए पुलिस शुक्रवार से लगातार कैंपस में दबिश दे रही है। आरोपियों में कुछ छात्राएं भी शामिल हैं। पुलिस कर्मी गर्ल्स हॉस्टल में भी पहुंच गए थे।
छात्राओं की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पुलिस के कैंपस में आने पर रोक लगा दी है। जेएनूय की इजाजत के बगैर पुलिस हॉस्टल या क्लास रूम में जाकर छात्रों को परेशान नहीं कर सकती। इसलिए अब सादी वर्दी में पुलिस दबिश दे रही है।