दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए बने आयोग ने सोमवार को कहा कि प्रदूषण नियंत्रण और पराली जलाने से रोकने के लिए जल्द ही नीति बनाई जाएगी। आयोग ने तीन आव विधायकों, दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति की अध्यक्ष आतिशी के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी।
बैठक में आयोग से दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को जिम्मेदार ठहराने की मांग की गई थी। आयोग ने तीनों आप विधायकों ने बताया कि इस मामले पर संज्ञान लिया गया है और प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
आयोग ने कहा कि विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद पराली जलाने से रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी। इससे पहले आतिशी ने कहा था कि उन्होंने आयोग से हरियाणा व पंजाब सरकार को पराली जलाने से रोकने के लिए पूसा इंस्टीट्यूट के उपायों को तत्काल लागू करने का निर्देश देने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि पहले ऐसी राय थी कि पराली जलाने का कोई समाधान नहीं है, लेकिन अब जब उचित उपाय उपलब्ध है तो उसे लागू करना चाहिए। पर्यावरण मंत्रालय ने पांच नवंबर को दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव एमएम कुट्टी की अध्यक्षता में एक 20 सदस्यीय आयोग का गठन किया था।