उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में सोमवार शाम को ड्यूटी पर तैनात पीसीआर वैन के सिपाही ने खुद को गोली मारकर जान दे दी। मृतक की शिनाख्त सुरेश कुमार सोनवाल (30) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
नोट में मृतक ने अपने पिता हनुमान सहाय सोनवाल की मौत का जिक्र करते हुए सदमे से न उभर पाने की बात लिखी है। पुलिस इसे ही मौत का कारण मान रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से राजस्थान के जयपुर निवासी सुरेश परिवार के साथ बाबरपुर इलाके में रहता था। परिवार में मां के अलावा अन्य सदस्य हैं। 2010 में सुरेश दिल्ली पुलिस में सिपाही के तौर पर भर्ती हुआ था। करीब एक साल से उसकी तैनाती उत्तर-पूर्वी जिले की पीसीआर वैन में गनमैन के रूप में थी।
सोमवार शाम करीब 6.15 पर सुरेश के साथ तैनात एएसआई विक्रम सिंह ने देखा कि सुरेश ने पीसीआर वैन से बाहर निकलकर सरकारी एमपी-5 गन से खुद को गोलियां मार लीं। सुरेश ने ठोड़ी के नीचे बंदूक रखकर गोलियां चलाईं। दो गोलियां लगने के बाद साथी पीसीआर कर्मियों ने उसे जगप्रवेश चंद अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मृत घोषित कर दिया गया।
एएसआई विक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार शाम को सुरेश के साथ उसकी पहली बार दयालपुर पानी की टंकी के पास ड्यूटी थी। दोनों एक-दूसरे को जानते नहीं थे। खबर मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। क्राइम टीम व एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस उसके आधार पर आगे की छानबीन कर रही है। पुलिस ने एमपी-5 गन कब्जे में ले ली है।
पुलिसकर्मियों द्वारा खुदकुशी के कुछ मामले
29 नवंबर, 2018 : पुलिस मुख्यालय में तैनात एसीपी प्रेम बल्लभ ने मुख्यालय की दसवीं मंजिल से कूदकर जान दी।
16 नवंबर, 2018 : दिल्ली सचिवालय में तैनात हवलदार सोहन लाल ने सर्विस पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी की।
1 जून, 2018 : दिल्ली पुलिस के हवलदार जितेंद्र ने पीटीसी कैंपस में खुद को गोली मारकर जान दी।