बिलासपुर के अस्तौली गांव में नाबालिग किशोर ने दूध के डिब्बे के ढक्कन से कई वार करके अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया। पिता ने अपनी भूमि बेच दी थी। इसके बाद वह छह माह पहले पत्नी-बच्चों से मारपीट कर भाग गया था और रविवार को ही लौटा था। पुलिस ने नाबालिग को पकड़कर जुवेनाइल कोर्ट (किशोर न्यायालय) में पेश किया। वहां से उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, विजय (47) पुत्र चंदी किसान था। छह माह पहले उसका घर में झगड़ा हुआ था। इसमें विजय ने 16 वर्षीय बेटे को पीटकर अधमरा कर दिया था। इसके बाद विजय गांव छोड़कर चला गया। किशोर विजय के बड़े भाई महकार के घर रहकर पास के एक इंटर कॉलेज से हाईस्कूल कर रहा है।
विजय की दो पुत्रियों में से बड़ी की शादी हो चुकी है। फिलहाल घर में विजय की पत्नी और छोटी पुत्री हैं। बताया जा रहा है कि विजय शराब का आदी था। विजय रविवार को गांव लौटा तो शराब के नशे में था। रविवार रात करीब नौ बजे उसकी घर आए बेटे से मारपीट हुई।
नाबालिग ने दूध के डिब्बे के ढक्कन से सिर और चेहरे पर कई वार किए। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले विजय के भतीजे ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने किशोर को पकड़ लिया और घायल को ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की रिपोर्ट विजय के भाई महकार के बेटे अनोज ने दनकौर कोतवाली में दर्ज कराई है।
छह माह पूर्व पिता पूरे परिवार से मारपीट कर भाग गया था। रविवार को लौटने पर नाबालिग बेटे से झगड़ा हुआ। उसने उसके सिर और चेहरे पर दूध के डिब्बे के ढक्कन से कई वार किए। नाबालिग को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है।
- राजपाल सिंह तोमर, कोतवाली प्रभारी, दनकौर