एक ओर जहां दुनिया भर की पुलिस नई तकनीक के सहारे अपराधियों को ट्रेस कर रही है, वहीं जिले की पुलिस अभी तक पुरानी तकनीक के आधार पर बने स्केच से अपराधियों को पकड़ने में लगी है।
जिले के पूर्व एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह के समय स्कॉटलैंड की तर्ज पर फेस आईडेंटीफिकेशन सॉफ्टवेयर बनवाने की तैयारी कर रही थी लेकिन अधिकारी बदलने के साथ ही मामला ठंडे बस्ते में जा पहुंचा।
जानकारों के अनुसार, वर्तमान तकनीक में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में सैकड़ों तरीके के होंठ, आंख, नाक, कान, बाल समेत पूरे चेहरे के अंग होते हैं। चश्मदीद से पूछकर स्केच बनाने वाला उसका चेहरा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में डालता रहता है और स्केच तैयार हो जाता है।