दौलताबाद गांव के सेक्टर-103 में प्रस्तावित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में निवेशकों के करोड़ों रुपये डकारने के आरोप में पुलिस ईरालैंड बिल्डर के खिलाफ निरंतर मुकदमा दर्ज कर रही है। बीते दो महीनों में शिकायतों के आधार पर 21 मामले दर्ज हो चुके हैं। जबकि कई शिकायतों की अभी जांच चल रही है।
सेक्टर-103 में 2012 में शुरू हुए ईरालैंड बिल्डर के ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में दिल्ली-एनसीआर के सैंकड़ों निवेशकों ने फ्लैट बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपये लगाए थे। लेकिन शुरूआती कंस्ट्रक्शन के बाद प्रोजेक्ट को बीच में बंद कर कंपनी के लोग फरार हो गए।
पिछले दो महीने में गुड़गांव पुलिस के सामने बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की करीब 40 शिकायतें मिल चुकी हैं। जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। इस मामले में शुक्रवार शाम को अशोक विहार फेज दो के गौरव बंसल ने भी शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि 2012 में ईरालैंड के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुकिंग को उसने भी 16 लाख रुपये लगाए थे। कंपनी ने दो साल में फ्लैट का कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन तीन साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी कंस्ट्रक्शन का काम ठप है।
कंपनी प्रबंधन बात भी नहीं करता। युवक की शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद राजेंद्रा पार्क थाना पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजेंद्रा पार्क थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र के मुताबिक अब तक उनके थाने में बिल्डर के खिलाफ 20 धोखाधड़ी के मामले थाना में दर्ज हो चुके हैं, जबकि एक मामला खेड़कीदौला थाना में दर्ज है। एसीपी क्राइम एक राजेश कुमार के मुताबिक बिल्डर के खिलाफ कई और शिकायतों की जांच की जा रही है।