नगर निगम के करीब पांच सौ कर्मचारियों व अधिकारियों को अब आवास की संबंधी समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। इनकी सुविधा के लिए नगर निगम ने हाईवे से लगते भूखंड पर एक अलग शहर बसाने का खाका तैयार कराया है।
ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रदेश में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की रिहायश के लिए ऐसी आलीशान व्यवस्था की जा रही है।
निगम कर्मियों के लिए एनएच-8 से लगते सिलोखरा गांव की 11.20 एकड़ जमीन पर शहर बसाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 200 करोड़ रुपये होगी। इसके लिए निगम ने 24 कंसल्टेंट कंपनी से इसका खाका तैयार कराया है।
इनमें से 10 प्रस्तावों को मंजूर करने के बाद तीन को मुख्यालय भेजा जाएगा। किसी एक पर स्वीकृति मिलने के साथ ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। आलीशान रिहायशी भवन और कोठियां तीन चरणों में चार साल के भीतर बनकर तैयार की जाएंगी।
योजना के मुताबिक निगमायुक्त और अन्य अधिकारियों के लिए तीन केटेगरी की कोठी और बाकी लोगों के लिए तीन टावर में फ्लैट बनेंगे। फ्लैट 1000 से 2200 वर्ग गज के होंगे। तीनों टावर आठ से दस मंजिल के होंगे।
पार्किंग की व्यवस्था बेसमेंट में होगी। साथ ही व्यावसायिक टावर, नर्सरी स्कूल, खेल मैदान, धार्मिक स्थल, क्लब आदि की व्यवस्था होगी। हालांकि इन सबके लिए अभी वहां मौजूद किसी भी मंदिर और पेड़ को विस्थापित नहीं किया जाएगा।
निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने के लिए 24 कंसल्टेंट कंपनी से मिले प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही इनमें से तीन को मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा।
सीआर विश्नोई, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम गुड़गांव