पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीना की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मंगलवार दोपहर 12 बजे मंगल का दोस्त व रिश्तेदार घर पहुंचा। उसने देखा कि फर्श पर शिखा, मानसी और पारुल बेसुध पड़ी है। नारायण ने उन्हें हिलाकर देखा तो कोई हरकत महसूस नहीं हुई।
अनहोनी की आशंका होने पर नारायण फौरन वीना के साथ उन्हें अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस नारायण से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि एक साथ तीन बच्चियों की मौत ने डॉक्टरों व पुलिस को भी हैरानी में डाल रखा है।
यदि तीनों बच्चियां भूख से मरी तो तीनों की एक साथ मौत कैसे हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्चियों के पेट में कोई जहरीला पदार्थ नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस को मेडिकल बोर्ड बनवाकर उनसे पोस्टमार्टम करवाना पड़ा। अब पुलिस मेडिकल बोर्ड के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पड़ोसियों ने किया बच्चियों का अंतिम संस्कार
पुलिस ने बुधवार शाम को जीटीबी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चियों के शव मां बीना को सौंप दिए। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पड़ोसियों की मदद से बच्चियों का गाजीपुर शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता मंगल का बुधवार देर शाम भी पता नहीं चल पाया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।