गला दबाये जाना का था निशाना
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, उस दौरान चिता को अग्नि देने की तैयारी की जा रही थी, जिसे पुलिस ने रुकवा दिया। पुलिस ने शव की जांच की तो मृतक के गले पर निशान दिखाई दिया, जिससे फंदा लगने या फिर किसी रस्सी या कपड़े से गला दबाया जाना प्रतीत हो रहा था। जिसके बाद पुलिस ने परिजनों से अंतिम संस्कार को रोककर मृतक का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। लेकिन, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और विरोध करना शुरू कर दिया।
पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते परिजन
परिजनों का कहना था कि सतबीर की मौत हार्ट अटैक से हुई है, इसलिए वह पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। जिस पर पुलिस ने उन्हें समझा कर शांत किया और पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को भेज दिया। पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ भी की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण स्पष्ट हो जाएगा। मृतक के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं, जिनका रो-रो कर बुरा हाल है।
हत्या, आत्महत्या और स्वाभाविक मौत में उलझा पेंच
सतबीर ने आत्महत्या की है, उसकी हत्या हुई है या फिर उसकी मौत बीमारी से मौत हुई है। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि, उसकी मौत के बाद से गांव में तरह तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। वहीं, परिजन अब यह भी जानने को विचलित हैं कि आखिर पुलिस को हत्या की सूचना किसने दी है। जिससे पुलिस ने अंतिम समय पर पहुंच कर संस्कार को रुकवा दिया।
एसपी देहात रोहित मिश्र ने बताया कि सतबीर की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हत्या की सूचना मिलने पर शव को चिता से उठाकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है, वह हार्ट अटैक से मौत होने की जानकारी दे रहे हैं।