रविवार को निर्माणाधीन पुलिस लाईन के सामने पुलिस वाहनों पर डंपर चालकों द्वारा किए गए पथराव के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी हैं।
पुलिस ने सख्ती से निपटते हुए रविवार को 34 डंपरों को हिरासत में लिया था। जिनके नंबरों के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही हैं।
हालांकि अभी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया हैं। साथ ही 25 डंपरों के नंबर के आधार पर उनके चालकों व मालिकों का पता लगाया जा रहा हैं।
बता दें कि जिले में ओवरलोडिंग व अवैध खनन से निपटने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। अब तक चुनावों में व्यस्तता के चलते पुलिस और प्रशासन का ध्यान इस तरफ नहीं था, जिसकी आड में यहां खूब ओवरलोड डंपर चले।
उन्हें रोकने के लिए रविवार को पुलिस ने कार्यवाई करते हुए पुलिस लाईन के सामने नाका लगा दिया। पुलिस का कहना है कि इस दौरान कई डंपरों ने एक साथ निकलने का प्रयास किया।
पुलिस ने जब उन्हें रोका तो पुलिसकर्मियों व वाहनों पर पथराव कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल बुलाया गया और सख्त कार्यवाई की गई। पुलिस ने 34 डंपरों को अपने कब्जे में ले लिया।
हालांकि डंपर चालकों का कहना है कि पुलिस ने कार्यवाई के दौरान एक चालक को डंडा मार दिया था, जिससे वह बेहोश हो गया था। इस पर जब डंपर चालकों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन पर सख्ती दिखाई।
उपायुक्त केएम पांडूरंग ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे निपटने के लिए उपायुक्त के अलावा एडीसी, दोनों एसडीएम, सीटीएम, आरटीए और पुलिस विभाग सख्ती से रोड पर उतरेगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कडी कार्यवाई की जाएगी।
एएसपी दीपक गहलावत ने बताया कि पुलिस ने कार्यवाई करते हुए 34 डंपरों को कब्जे में ले लिया हैं। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया हैं। डंपरों के नंबरों के आधार पर चालक व मालिकों को गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।