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4 ब्लाइंड केस में फंसी पुलिस, इन बड़ें मामलों को नहीं हो पाया खुलासा

Mon, 03 Sep 2018 08:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गुरुग्राम
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डेमो - फोटो : डेमो
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शहर में बढ़ता अपराध पुलिस के लिए परेशानी बन गया है। अनेक ब्लाइंड केस ऐसे हैं, जो पुलिस के लिए चुनौती बन गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन पुलिस आज तक अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है। हत्या का मामला हो या महिला के साथ छेड़छाड़ व अपहरण के प्रयास का मामला हो। इन केसों में अपराधियों का पुलिस को सुराग नहीं लगा है। ऐसे में पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। 
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यह मामले हैं अभी भी अनसुलझे 
-29 अगस्त को पटौदी में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या का मामला पहला ऐसा मामला नहीं है जिसमें पुलिस आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस ने मामले में संबंधित थाना पुलिस सहित एसआईटी का गठन कर टीम लगाई हुई है, लेकिन पुलिस के हत्थे कोई सुराग नहीं है। 

-01 अगस्त को पुराना रेलवे रोड पर हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया था। यहां महिला कर्मी के हौंसलों के चलते बदमाशों की डकैती की योजना विफल हो गई थी। योजना विफल होने से गुस्साए बदमाशों ने महिलाकर्मी पर गोली भी चलाई थी। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद भी पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा। हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के चेहरे साफ दिखाई देने का दावा भी किया था।
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-17 अप्रैल को गांव घामडौज में लकड़ी लेने पहाड़ी पर गए दो महिलाओं सहित तीन लोगों की हत्या हो गई थी। हत्या का शक मृतक महिला के पति पर घूम रहा था, लेकिन पुलिस को आज तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने आरोपी की तलाश में पहाड़ी पर सर्च अभियान भी चलाया था जिसमें 200 से अधिक पुलिसकर्मियों ने आरोपी की तलाश भी की थी, लेकिन आज तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

-वर्ष 2017 के अंत में सेक्टर-18 स्थित अपने कार्यालय से देर रात स्कूटी से घर लौट रही युवती का कार सवार युवकों ने रोककर उसे छेड़छाड़ की व उसका अपहरण करने का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाली थी, लेकिन आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई। 

 
-आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हुई हैं। अपराधी समय-समय पर अपने ठिकाने बदलते रहते हैं। ऐसे में उन्हें ट्रेस करने में समय लग जाता है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -शमशेर सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) 
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