कैसे होती है आवासीय रजिस्ट्री
नियमानुसार डूब क्षेत्र में बिके प्लाट की आवासीय रजिस्ट्री नहीं की जानी चाहिए, लेकिन फिर भी ऐसा होता रहता है। जिलाधिकारी के अनुसार रजिस्ट्री विभाग सिर्फ रजिस्ट्री के लिए आए जमीन के क्रेता व विक्रेता की सूची जांचता है। रजिस्ट्री के समय मालिकाना हक देखा जाता है। किस जमीन पर एनओसी है या जमीन पर निर्माण की इजाजत है या नहीं विभाग इसकी जांच नहीं करता। इससे आवासीय में डूब क्षेत्र की जमीन की रजिस्ट्री हो जाती है। हम इसे रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस-प्रशासन मिलकर करेंगे कई योजनाओं पर कार्य
डूब क्षेत्र में निर्माण कार्य रोकने के लिए कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी व एसएसपी की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पुलिस व प्रशासन को मिलकर काम करना है। ऐसे में दोनों विभागों का तालमेल जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए दोनों विभागों ने हर हफ्ते या 15 दिन में एक साथ बैठक करने का फैसला लिया है, ताकि जिले से संबंधित समस्याओं को सुलझाया जा सके।