फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा में खुलेगा प्रदेश का पहला यौन पीड़िताओं के लिए काउंसिलिंग सेंटर, ऐसे होगी मदद

Sun, 16 Sep 2018 02:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन

यौन अपराध से पीड़ित महिलाओं की सहायता व पुनर्वास के लिए पुलिस नोएडा में काउंसिलिंग सेंटर खोलेगी। प्रदेश में जनपद स्तर पर यह पहला सेंटर होगा। इसके बाद यह अन्य जनपदों में खोला जाएगा।

विज्ञापन


डीजीपी की हरी झंडी मिलने के बाद एसएसपी ने काउंसिलिंग सेंटर खोलने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए नोएडा व ग्रेटर नोएडा में स्थान तलाशा जा रहा है। अगले एक महीने में सेंटर काम करने लगेगा। इसमें प्राइवेट प्रोफेशनल व मनोचिकित्सक रखे जाएंगे। 

ये लोग पीड़ित महिलाओं से कई स्तर पर बातचीत करेंगे और उनकी मनोदशा को सुधारने का प्रयास करेंगे। साथ ही, पुनर्वास की भी व्यवस्था की जाएगी। जिले में प्रति वर्ष 200 से अधिक दुष्कर्म के मामले सामने आते हैं। इनमें अधिकतर मामलों में आरोपी परिचित होते हैं। 
विज्ञापन


इन घटनाओं के बाद पीड़िताएं अवसाद में होती हैं और कई बार आत्महत्या करने पर उतारू हो जाती हैं। एसएसपी ने बताया कि काउंसिलिंग सेंटर खोलने का उद्देश्य पीड़िताओं की मनोदशा को बदलना है। उन्हें सकारात्मक जिंदगी जीने का हक है। इसके लिए हम लोग उन्हें सेंटर में सभी सुविधाएं देंगे। जिले में एक महीने के भीतर इस सेंटर का संचालन शुरू हो जाएगा।

विज्ञापन

प्राइवेट काउंसलर होंगे तैनात

सेंटर में प्राइवेट काउंसलर तैनात होंगे। जनपद के विश्वविद्यालय व प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में तैनात काउंसलर व मनोचिकित्सकों से पुलिस ने संपर्क किया है। करीब दो दर्जन से अधिक काउंसलरों ने इस सेंटर में काम करने के लिए सहमति भी दी है। इसके अलावा सामाजिक संगठन के लोगों की भी सहायता ली जाएगी, जो सेंटर में अलग-अलग एक्टिविटी करा पीड़ित महिलाओं की मनोदशा को सुधारने में मदद करेंगे।

रोजगार सृजन पर ध्यान दिया जाएगा
यौन पीड़ित महिलाओं की न केवल मनोदशा में सुधार करने की तैयारी है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने का भी काम किया जाएगा। सेंटर में प्रथम चरण की काउंसिलिंग के बाद पीड़ित महिलाओं के रोजगार सृजन पर ध्यान दिया जाएगा। पुलिस की टीम नोएडा की कई कंपनियों के साथ संपर्क में है। इन कंपनियों के लोग पीड़ित महिलाओं के साथ बातचीत कर इन्हें काम देंगे। इससे ये महिलाएं खुद अपने पैरों खड़ी हो सकेंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें