पुलिस कोरोना के खिलाफ जंग में दिन रात न सिर्फ ड्यूटी कर रही है बल्कि घरों में अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के खास मौकों का खूब ख्याल रख रही है। दिल्ली पुलिस लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान लोगों का दिल जीतते हुए नजर आई है।
राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस घर घर जाकर वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देने के साथ-साथ उनकी सेहत का भी ब्योरा जुटा रही है। पुलिस उनके स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए मेडिकल सुविधा मुहैया करा रही है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इलाके का बीट सिपाही वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर उनकी सेहत का हाल ले रहा है। इस दौरान अगर किसी बुुजुर्ग में अगर कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
पुलिस ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों का डाटा बैंक भी तैयार किया है जिससे उनसे संपर्क कर मदद दी जा रही है। इस काम को करने के पीछे पुलिस का मकसद बुजुर्गों को सुरक्षा मुहैया कराने के साथ-साथ उनके स्वास्थ का भी ध्यान रखना है।
कोतवाली वजीराबाद, बुराड़ी, वारिस नगर सहित कई अन्य जगहों पर इस कार्य को किया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के जन्मदिन पर उनके घर में पुलिस टीम केक लेकर भी पहुंच रही है।
वारिस नगर के 73 वर्षीय रमाकांत सिंह का कहना है कि उनके बच्चे लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं लेकिन मुझे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही है। अगर किसी भी चीज की जरूरत पड़ती है तो इलाके के पुलिसकर्मी पूरी मद्द करते हैं।
लॉकडाउन से पहले पुलिस बुजुर्गों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए उनका ब्यौरा रखती थी, लेकिन कोरोना संक्रमण में भी उनकी सेहत का ख्याल रख पुलिस दोनों जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है।
इंस्पेक्टर ने किया प्लाज्मा दान
लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ दिल्ली पुलिस उनकी मदद भी कर रही है। कोरोना से जंग जीतकर लौटे पुलिसकर्मी अब अपना प्लाज्मा दान कर जनता की सेवा कर रहे हैं। शाहदरा जिले में तैनात इंस्पेक्टर राजेश डंगवाल ने भी इंसानियत का परिचय दिया है। कुछ दिन पहले वह संक्रमित हो गए थे। ठीक होने के बाद उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। शुक्रवार को उन्होंने प्लाज्मा दान किया। उन्होंने अपील की है कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले दूसरे लोग भी प्लाज्मा दान कर मरीज की जान बचाएं।