करीब दो बजे पुलिस अभिरक्षा में शव गांव पहुंचा। इसके बाद करीब चार घंटे तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इस दौरान काफी संख्या में लोग आते रहे। परिजनों का कहना था कि मौके पर डीएम को बुलाया जाए। इसके साथ ही परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी ले रहे थे। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद परिजनों को समझाया और शाम छह बजे अंतिम संस्कार के लिए शव को ले गए।
दो एसीपी लगे रहे इस मामले में
इस घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने स्थानीय एसीपी के अलावा एक और एसीपी को इसकी जिम्मेदारी दी। एसीपी अरुण कुमार सिंह इस घटना के बाद परिजनों के संपर्क में रहे और जब युवती के शव को गांव ले जाया गया तो वहां भी मौजूद रहे। गांव में कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े इसके लिए भारी पुलिसकर्मियों की तैनाती थी।
पुलिस कमिश्नर करते रहे मॉनिटरिंग
पुलिस कमिश्नरी बनने के बाद हुई इस बड़ी घटना को लेकर पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह सक्रिय थे। इस घटना के बाद स्थिति को संभालने के लिए एक तेजतर्रार एसीपी को लगाया था। रविवार से लेकर बुधवार को अंतिम संस्कार होने तक वह इस घटना की पल पल की जानकारी लेते रहे। पुलिस कमिश्नर ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों से भी इस मामले में बातचीत की और मेडिकल रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली।
सोमवार सुबह जब जीटीबी अस्पताल में युवती का पोस्टमॉर्टम होना था। उससे पहले ही नोएडा पुलिस की टीम वहां पहुंच गई। कोतवाली सेक्टर-49 के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा वहां मौजूद थे। पोस्टमार्टम होने के बाद रिपोर्ट शाम तक आने की बात हुई तो पुलिस अधिकारी पोस्टमॉर्टम में लगे चिकित्सकों से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क किया। देर शाम तक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
आरोपी युवकों से चल रही पूछताछ
पुलिस इस मामले में आरोपी सचिन व श्याम को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं इनके साथ गई एक और युवती दीया से भी इस घटना के बारे में पूछताछ की गई है। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतका अपनी सहेली के साथ दो युवकों के साथ 17 जनवरी को मथुरा गई थी। वहां यमुना एक्सप्रेस वे पर मथुरा के नौझील इलाके में युवती घायल हो गई थी। बाद में उसकी मौत अस्पताल में हो गई थी।