पिता किशन ने इसका विरोध भी किया, लेकिन उसने नहीं सुनी और युवती को लेकर अपने कमरे में चला गया। देर रात दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। दोनों की तेज आवाज सुनकर जब वह उनके कमरे में गया तो सतीश उसे जबरदस्ती बाहर ले जाने का प्रयास कर रहा था और ऋतु साथ जाने से मना कर रही थी। इस बात का उसने भी अपने पुत्र से विरोध किया और सुबह ले जाने की बात कही तो सतीश और गुस्से में आ गया।
उसने कमरे में रखी कुल्हाड़ी से पिता किशन के सिर पर हमला कर दिया। जिससे वह लहुलुहान होकर नीचे गिर पड़ा। उसके बाद उसने ऋतु पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया। सतीश के भाग जाने के बाद किशन किसी तरह से ऋतु को उठाकर बाहर लाए और कार में बिठाया। जैसे ही किशन ने कार स्टार्ट की तो सतीश फिर से आ गया और कार के शीशे तोड़ दिए।
वह किसी तरह से जान बचाकर ऋतु को घायल अवस्था में लेकर सदर थाने पहुंचा और पुलिसकर्मियों को पूरी आपबीती बताई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मदद नहीं की। किशन सिंह के अनुसार ऋतु की हालत ज्यादा खराब होते देख वह किसी तरह खुद कार चलाकर घायल अवस्था में नागरिक अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ऋतु को मृत घोषित कर दिया और किशन के उपचार के लिए तुरंत ही इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया।
किशन का कहना है कि वह ठीक होने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर इसकी शिकायत भी करेंगे। उधर पुलिस जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक धर्मपाल ने बताया कि मृतका ऋतु का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।