दिल्ली पुलिस की संगम विहार थाना पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश कर पुलिस का अलग चेहरा पेश किया है। संगम विहार थाना पुलिस ने होली वाले दिन पति के हमले में बची महिला व उसकी बेटी को गोद लिया है। पुलिस की तत्परता के चलते महिला व उसकी बेटी बच गई थी।
दोनों की सहायता के लिए अब दिल्ली हाईकोर्ट के वकील भी सामने आए हैं। वकीलों ने शनिवार को एक लाख रुपये सहायता स्वरूप महिला को दिए और बेटी का स्कूल में दाखिला दिलाने की बात कही।
संगम विहार में रहने वाले वकील जितेन्द्र बहादुर सिंह ने आर्थिक तंगी के चलते डिप्रेशन में आकर दो बेटियों व पत्नी पर जानलेवा हमला कर खुद पर चाकू से हमला कर दिया था। इसमें वकील जितेन्द्र बहादुर सिंह व नौ वर्षीय बेटी नेहा की मौत हो गई थी।
संगम विहार थानाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने अपनी जिप्सी से वकील की पत्नी मीनाक्षी व बड़ी बेटी दीपिका को समय रहते अस्पताल में भर्ती करा दिया था, इस कारण दोनों की जान बच गई थी। संगम विहार थाना पुलिस ने महिला व उसकी बेटी को उस समय से गोद ले लिया था। थाने में तैनात पुलिसकर्मी हर महीने आठ हजार रुपये एकत्रित कर महिला को देते हैं।