दिल्ली पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियों में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी फैल गई, जब संसद से महज कुछ मीटर दूरी पर लावारिस हालत में 20 कारतूस मिले। आनन-फानन में संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई। शुरू में कहा जा रहा था कि कारतूस संसद परिसर की दीवार के पास मिले हैं। नई दिल्ली जिला डीसीपी मधुर वर्मा ने बताया कि कारतूस सड़क पर पड़े मिले हैं। संसद मार्ग थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया है।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संसद भवन से करीब 300 मीटर की दूरी इम्तियाज अली खान रोड है। संसद भवन में ड्यूटी कर हॉग हैंडलर गोपाल सिंह मंगवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पैदल महादेव रोड क्वार्टर पर जा रहा था। उसके पास स्निफर डॉग था। पॉलीथिन देखकर डॉग उसकी तरफ गया। स्निफर डॉग ने पॉलीथिन को मुंह में ले लिया।
पॉलीथिन में .32 बोर के 20 कारतूस थे। डॉग हैंडलर ने इसकी सूचना पार्लियामेंट सिक्योरिटी को दी। इसके बाद सूचना दिल्ली पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों को दी गई। देर शाम तक पता नहीं लगा था कि कारतूस किसके हैं।
नई दिल्ली जिला डीसीपी मधुर वर्मा ने बताया कि कारतूस भारतीय ऑडिनेंस फैक्टरी में बने हुए हैं। ऐसा लगता है कि कोई लाइसेंसधारी इन कारतूस को खरीदकर ले जा रहा था और ये उससे गिर गए। देश की सुरक्षा एजेंसियां इसे संसद भवन की सुरक्षा में चूक मान रही हैं। जिस जगह कारतूस मिले हैं, वह संसद भवन महज 200-300 मीटर दूर है। पुलिस संसद भवन व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
स्पेशल सेल भी जांच में जुटी
.32 बोर प्रतिबंधित है। इसका लाइसेंस आम लोगों को नहीं दिया जाता। ऐसे में किसी सुरक्षा एजेंसी से जुड़े व्यक्ति के कारतूस फेंकने या उससे गिरने का संदेह जताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को भी जांच में लगाया गया है।