बीके अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के पीछे मैदान में शराब पीते पकड़े गए 10 लोगों को पुलिस चौकी ले जाने के लिए वाहन नहीं होने के कारण तीन नंबर चौकी पुलिस के लिए परेशानी खड़ी हो गई कि आखिर आरोपियों को चौकी कैसे ले जाया जाए।
पिछले करीब तीन माह से तीन नंबर चौकी में जिप्सी नहीं है। जो जिप्सी थी उसे मरम्मत के लिए पुलिस लाइन भेजा गया था, मगर वहां उसे कंडम घोषित कर दिया गया। अब पुलिसकर्मी अपने निजी वाहनों से गश्त व अन्य काम करते हैं।
शुक्रवार दोपहर को सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा ने पुरानी बिल्डिंग के मैदान में छापा मारकर वहां शराब पी रहे 10 लोगों को पकड़ा था। पकड़े गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तीन नंबर चौकी से पुलिसकर्मियों को बुलवाया गया।
मगर जब पकड़े गए लोगों को चौकी ले जाने की बात आई तो पुलिसकर्मी बगले झांकने लगे। उनके पास कोई भी सरकारी वाहन नहीं था। इस बीके अस्पताल प्रबंधन से कह कर एक एंबुलेंस बुलवाई गई और उसमें सभी आरोपियों को बैठाकर चौकी पहुंचाया।
यह आलम तो तब है जब शहर के सबसे व्यस्त इलाके शहर का जंतर मंतर कहा जाने वाला बीके चौक, नगर निगम मुख्यालय सहित कई प्रमुख क्षेत्र इस चौकी के अंतर्गत आते हैं। जिप्सी कंडम होने के बाद चौकी में नई सूमो भेजने की बात हुई थी, मगर अभी तक कोई वाहन नहीं आया। ऐसे में चौकी प्रभारी सहित सभी पुलिसकर्मी अपने निजी वाहन में गश्त व अन्य काम करते हैं।