फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेएनयू हिंसाः गिरफ्तारी तो दूर, पुलिस को एक गवाह भी नहीं मिला

Fri, 10 Jan 2020 06:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
जेएनयू के बाहर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जेएनयू हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी किसी को गिरफ्तार करना तो दूर, बल्कि एक गवाह (प्रत्यक्षदर्शी) भी नहीं ढूंढ पाई है। वार्डन व प्रोफेसरों ने अपने बयान में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने घर के अंदर थे। दूसरी तरफ अपराध शाखा की एसआईटी को बृहस्पतिवार सुबह 35 शिकायतें मिली हैं। एसआईटी ने इन शिकायतों पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस डंप डाटा के जरिये पिछले एक महीने की कॉल डिटेल खंगालेगी।
विज्ञापन


अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेएनयू स्थित सात हॉस्टल के वार्डन के बयान दर्ज किए थे। साथ में चार प्रोफेसरों के बयान दर्ज किए, लेकिन सभी ने अपने बयान में ऐसा कुछ नहीं कहा, जिससे पुलिस को कोई अहम सुराग हाथ लगे या फिर बाहरी लोगों के बारे में कोई जानकारी मिल सके। पेरियर हॉस्टल के वार्डन ने कहा कि वह घर के अंदर थे। 

शोरशराबा सुनकर जब वह बाहर आए तो बाहर तोड़फोड़ हो रखी थी। बाहर पत्थर व टूटा हुआ सामान पड़ा हुआ था। वहीं साबरमती हॉस्टल के वार्डन ने कहा कि शोरशराबा सुनकर वह घर से बाहर आए। जब हमलावर हुड़दंग करने लगे तो वह घर के अंदर चले गए और गेट बंद कर लिया। कुछ हमलावरों ने चेहरा ढंका हुआ था। वह हमलावरों को भी नहीं देख पाए। 
विज्ञापन


एसआईटी ने बृहस्पतिवार सुबह वसंत कुंज (नॉर्थ) थाने जाकर 35 शिकायतें लीं। ये शिकायतें वामपंथी छात्र, एबीवीपी नेता व प्रोफेसरों की है। एसआईटी के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन शिकायतों को भी एफआईआर में शामिल किया जाएगा और साथ-साथ जांच की जाएगी।

जिन लोगों ने शिकायत दी है, उनको जल्द ही बयान के लिए बुलाया जाएगा। दूसरी तरफ पुलिस डंप डाटा खंगाल रही है। डंप डाटा में ये देखा जाएगा कि जेएनयू हिंसा के दिन जेएनयू में कौन-कौन से नए फोन चल रहे थे। पिछले एक महीने का डंप डाटा खंगाला जाएगा। 

 
विज्ञापन

यूनिवर्सिटी गेट पर ताला लगाने से बढ़ा आक्रोश, पुलिस से कहासुनी

जेएनयू में छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोके जाने पर बृहस्पतिवार को कैंपस गेट पर पुलिस से उनकी कहासुनी हो गई। यूनिवर्सिटी गेट पर ताला लगाए जाने से छात्रों का आक्रोश बढ़ गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कैंपस गेट पर ताला जड़वा दिया।

इसके विरोध में छात्रों ने गेट पर ही दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद छात्रों को कैंपस से बाहर जाने की इजाजत दी गई। इसके बाद सभी छात्र बसों से मंडी हाउस के लिए रवाना हो गए।

जेएनयू के छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सुबह से ही यूनिवर्सिटी गेट पर एकत्र होना शुरू हो गए थे। छात्रों की भीड़ को देखते हुए यूनिवर्सिटी कैंपस गेट पर ताला लगा दिया गया। एहतियातन बड़े गेट से सटे छोटे गेट पर निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया गया। इससे नाराज छात्रों ने गेट पर ही नारेबाजी शुरू कर दी।

काफी देर तक हंगामा होने के बाद पुलिस ने सभी छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाने दिया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर यूनिवर्सिटी कैंपस में काफी देर तक रोका गया था। आरोप है कि पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

पुलिस को कैंपस के गेट पर देख भड़के छात्र
जेएनयू कैंपस के गेट पर प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्र उस वक्त यूनिवर्सिटी के निजी सुरक्षा कर्मियों पर भड़क उठे, जब दिल्ली पुलिस ने भीतर प्रवेश किया। छात्रों का कहना था कि कैंपस में आने-जाने वाले छात्रों का आईकार्ड जांचने का अधिकार यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मियों के पास है, लेकिन दिल्ली पुलिस गेट पर खड़ी होकर छात्रों का आईकार्ड जांच रही थी। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पुलिस ने कैंपस न छोड़ा तो वह बड़ा आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें