आरक्षण के विरोध में जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की। अनुमति नहीं होने का हवाला देकर पुलिस और आरएएफ ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और जंतर-मंतर खाली कराया। इसके बाद प्रदर्शन के आयोजक ने सभी प्रदर्शनकारियों से राजघाट पहुंचने की अपील की।
आरक्षण के विरोध में शुक्रवार देर रात को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने वहां से हटा दिया। प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने को कहा। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर से हटा दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस और आरएएफ ने हिरासत में ले लिया। वहीं, आयोजक हर्ष दूबे के सभी प्रदर्शनकारियों को राजघाट पहुंचने की अपील की है।
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दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरक्षण हटाओ प्रदर्शन के नाम से रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एनओसी पत्र जारी किया गया था। इसमें अधिकतम 500 लोगों के जुटने की अनुमति थी और प्रदर्शन शाम चार बजे तक किया जा सकता था।
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‘हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए हटाया गया’
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए जंतर मंतर से उठाया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वे शांतिपूर्वक बैठे हुए थे और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें वहां से हटाना शुरू कर दिया।
देर रात राजघाट पहुंचे कई प्रदर्शनकारी
जंतर मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद देर रात प्रदर्शन के आयोजक हर्ष दुबे ने सभी प्रदर्शनकारियों से राजघाट पहुंचने की अपील की। इसके बाद कई प्रदर्शनकारी पैदल ही राजघाट की ओर रवाना हो गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे। देर रात तक प्रदर्शनकारियों के राजघाट की ओर जाने का सिलसिला जारी रहा।
#WATCH | Delhi: Delhi Police, along with the Rapid Action Force, detain protesters gathered at Jantar Mantar.
A large number of people have gathered here to protest against caste-based reservation.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और आरएएफ ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर पर कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
बड़ी संख्या में जंतर मंतर पहुंचे प्रदर्शनकारी
आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और जातिगत आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों लोग जंतर मंतर पहुंचे। हाथों में बैनर पोस्टर और आरक्षण विरोधी नारे लिखी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी यहां एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण के बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं, राष्ट्र की आवाज को सुनना होगा और भारत में आर्थिक आधार पर आरक्षण करना होगा जैसे नारे भी लगाये।
दिल्ली पुलिस लगातार जंतर मंतर खाली करने की करती रही अपील
जंतर मंतर पर सुबह से प्रदर्शनकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो पुलिस ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें धरना स्थल तक जाने से रोकने की कोशिश की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। बाद में कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर जंतर मंतर के निर्धारित प्रदर्शन क्षेत्र की ओर पहुंच गए। देर शाम तक यहां भीड़ बढ़ती गई और प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे। हालांकि दिल्ली पुलिस लगातार जंतर मंतर खाली करने की अपील करती रही।
आयोजकों ने कहा- जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे
प्रदर्शन के आयोजकों में शामिल अभिषेक अग्निहोत्री के मुताबिक, वे जंतर मंतर पर अपना मंच लगा रहे हैं और वहां से हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि लोग सुबह से ही यहां मौजूद हैं और संख्या लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारी जंतर मंतर छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। वहीं, सोशल मीडिया पर जन्मे रिजर्वेशन रिफॉर्म मूवमेंट के संस्थापक हर्ष दुबे में बताया कि अब जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे जंतर मंतर खाली नहीं करेंगे। उनके अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य देश में जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और इसे समाप्त कर आर्थिक आधार पर व्यवस्था लागू करने की मांग उठाना है।
पुलिस ने रामलीला मैदान में दी थी वैकल्पिक अनुमति
जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वैकल्पिक जगह के तौर पर रामलीला मैदान जाने को कहा। बाद में पुलिस की ओर से रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए एनओसी जारी की गई। अनुमति के मुताबिक अधिकतम 500 लोग वहां प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। पुलिस की ओर से वैकल्पिक स्थल की अनुमति दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग जंतर मंतर छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आंदोलन का आह्वान जंतर मंतर के लिए किया गया था और वे यहीं अपनी बात रखेंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण का लाभ दिया जाए। आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों और अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाए। यूजीसी के नए समानता संबंधी प्रावधानों को वापस लिया जाए। शैक्षणिक संस्थानों में नियमों के दुरुपयोग को रोका जाए और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसे जरूरतमंद लोगों तक सीमित किया जाए।
इंस्टाग्राम पेज से किया गया था प्रदर्शन का आह्वान
आरक्षण विरोधी प्रदर्शन का आह्वान इंस्टाग्राम के आरक्षण हटाओ आंदोलन नाम के पेज से किया गया था। इस पेज के माध्यम से लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जोड़ा जा रहा था। इसके बाद 21 अगस्त को जंतर मंतर पर आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया गया। प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी प्रचार किया गया था। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर पर अनुमति मिलने के दावे तेजी से प्रसारित हुए थे। हालांकि दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को इन सभी दावों का खंडन कर दिया।