सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर ने भी प्रस्तुतिकरण दिया। सीएम ने पुलिस को क्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कालोनियों पर लगाम लगाने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के साथ मिलकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस संबंध में प्रस्ताव व रूपरेखा तैयार कर कार्रवाई के लिए कहा। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह इस दौरान गैंगस्टर पर कार्रवाई, ऑपरेशन कन्विक्शन, ऑपरेशन दृष्टि में प्रदेश में अव्वल रहने पर प्रशंसा की।
नोएडा ग्रेटर और ग्रेटर नोएडा में तेजी से विकास कार्य होने और विश्वस्तरीय परियोजना आने के कारण यहां लगातार जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। यहां की दूसरे जिले व राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां आकर काम कर रहे हैं। इसके चलते यहां की आबादी भी लगातार बढ़ती जा रही है। इसके चलते अवैध कालोनियों का यहां लगातार निर्माण हो रहा है।
इसके अलावा हिंडन व यमुना किनारे डूब क्षेत्र पर भी लगातार अवैध कब्जे व अतिक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इस पर एनजीटी भी नाराजगी जता चुका है। प्रस्तुतिकरण में पूरे मामले से अवगत कराने के बाद सीएम ने अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर रोक लगाने व ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
एओए की झगड़े निपटाने को गौतमबुद्धनगर में बनेगा रजिस्ट्रार दफ्तर
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जिले में लगातार एओए के विवाद बढ़ते जा रहे हैं। नए पदाधिकारियों के पुराने पदाधिकारियों से अक्सर विवाद के मामले में थाने चौकी पर पहुंचते हैं। इस विवाद में पुलिस को उलझना पड़ता है। इसका कारण रजिस्ट्रार दफ्तर का जिले में न होना है। ऐसे विवाद के मामले मेरठ रजिस्ट्रार दफ्तर से देखे जाते हैं, लेकिन दूसरे जिले में होने के कारण लंबे समय तक इनका निपटारा नहीं हो पाता। इसके चलते जिले में रजिस्ट्रार दफ्तर बनाने का सुझाव दिया गया। इस पर सीएम ने सहमति दे दी है। आने वाले समय में जिले में रजिस्ट्रार दफ्तर खुलेगा।
81.88 करोड़ की संपत्ति कुर्क, आठ करोड़ वसूला शमन शुल्क
सीएम को पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वर्ष 2021 में सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, रणदीप भाटी आदि गैंगस्टर माफिया की 46 करोड़, 2022 में 54 करोड़, 2023 में 81.88 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। 25 करोड़ की संपत्ति चिह्नित कर ली गई है। यातायात पुलिस ने इस वर्ष अब तक आठ करोड़ का शमन शुल्क वसूला है। ऑपरेशन दृष्टि के अंतर्गत 31 हजार से अधिक सीसीटीवी लगाए गए हैं।
इंसेफेलाइटिस जापानी बुखार से दिलाई निजात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश विशेषकर गोरखपुर क्षेत्र में हर साल इंसेफेलाइटिस यानी जापानी बुखार से 1200 से अधिक बच्चों की मौत हो जाती थी। 2017 में सरकार बनने के बाद इस पर अंकुश लगाने का काम किया गया। आज मौत का आंकड़ा जीरो हो गया है।
जापानी बुखार को लेकर बुरे हालात थे
सीएम योगी ने कहा कि इस बीमारी को लेकर लोग भय में जीते थे। बीमारी से संबंधित वैक्सीन विदेश में 1905 में ही बन गई थी, लेकिन हमें 2005 में मिल पाई। इसके लिए पूर्व की सरकारों पर निशाना साधा। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर 2017 में समाधान निकला। इसको अपने अनुभव से जोड़कर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह गोरखपुर के सांसद हुआ करते तो जापानी बुखार को लेकर बुरे हालात थे। कोई सुनने वाला नहीं था। पहले जहां हर साल 1200- 1300 बच्चों की मौत होती थी, वहीं आज इस बीमारी की वजह से मौत का आंकड़ा जीरो हो गया है।
खास किस्म के वायरस का शिकार होने से होती है
बता दें कि इंसेफेलाइटिस यानी जापानी बुखार ये बीमारी एक खास किस्म के वायरस का शिकार बनने से होती है। इस बीमारी में बाकी चीजों के अलावा सांस लेने में भी दिक्कत होती है। वहीं, कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि संवाद के साथ देश को जोड़कर नेतृत्व का काम किया। देश को दो वैक्सीन उपलब्ध कराई है। इससे पहले ऐसा काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अपना मानक तय करना होगा।
ऐसा केंद्र बनाया जाए जो युवाओं को नशे से दूर रखे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नशे के मकड़जाल में एजुकेशन हब के युवाओं को मॉड्यूल के रूप में तस्कर उपयोग कर रहे हैं। कमिश्नरेट की ओर लगातर कार्रवाई अच्छी बात है, लेकिन नशे के गठजोड़ को गौतमबुद्धनगर से जड़ से उखाड़ने के लिए और प्रयास करनें होंगे। इसके लिए न सिर्फ पुलिस की टीम गठित की जाए, बल्कि जिलाधिकारी से तालमेल कर जिले में एक ऐसा केंद्र बनाया जाए, जो छात्रों को नशे से दूर करने के लिए जागरूक करें और नशे की लत छुड़ा सके। इसके लिए कॉलेज में भी कमेटी बनई जाए। यह बात मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध विवि में समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने कमिश्नरेट पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि एनसीआर का महत्वपूर्ण जनपदों में गौतमबुद्धनगर शुमार है और यहां पर दिल्ली से सटे होने के कारण नशे के सौदागर काफी सक्रिय है। उन्होंने हाल ही में कुछ ड्रग्स के खुलासे पर पुलिस कमिश्नरेट के कार्य की प्रशंसा की और कहा कि अभी और मेहनत करनी होगी, जिससे कमिश्नरेट से नशे के गठजोड़ को खत्म किया जा सके।
चूंकि देश के भविष्य को नशे के तस्कर अपनी गिरफ्त में लेने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले ही पुलिस का प्रहार तस्करों पर किया जाए। इसके लिए पुलिस की कमेटियां बनाई जाए और स्कूल-कॉलेज स्तर पर शिक्षकों समेत प्रबंधनों को उसमें जोड़ा जाए। जिलाधिकारी के समन्वय में जिले स्तर पर केंद्र बनाकर मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक, सोसोलॉजिस्ट आदि की तैनाती की जाए, जिससे युवाओं को नशे की दलदल से दूर रखा जा सके।