बदमाशों ने आटा कारोबारी से लूटपाट करने के लिए उसे रोका। उसके पास जब नगदी नहीं मिली तो वह उसका अपहरण कर ले गए। घटना बुलंदशहर के सिकंदराबाद की है। अपहरण के बाद व्यापारी की पत्नी को फोन कर 6 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
इसकी जानकारी नोएडा पुलिस को दी गई। पत्नी की तरफ से फिरौती की रकम देने के दौरान पुलिस ने तीन बदमाशों को दबोच लिया। हालांकि मुख्य आरोपी समेत चार बदमाश फरार हो गए। व्यापारी को मुक्त करा लिया गया।
पुलिस ने फिरौती के रूप में दिए गए दो लाख रुपये, पीड़ित की कार, आरोपियों की ईको स्पोर्ट्स कार, बाइक, मोबाइल और तमंचे भी बरामद कर लिए हैं।कोतवाली देहात बुलंदशहर के मूल निवासी राजेंद्र सिंह सलारपुर में अपने भांजे विकास के साथ आटे का कारोबार करते हैं। वह रोजाना काम खत्म हो जाने के बाद अपने घर चले जाते हैं।
19 मई को वह अपनी अल्टो कार से घर के लिए निकले। सिकंदराबाद, बुलंदशहर के पास फोर्ड ईको स्पोर्ट्स कार और बाइक सवार सात बदमाशों ने उन्हें उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया। बदमाशों को राजेंद्र के पास करीब 15 लाख रुपये होने की जानकारी थी।
पुलिस का मास्टर प्लान आया काम
रुपये नहीं मिलने पर उन्होंने राजेंद्र का अपहरण कर लिया और उन्हीं के मोबाइल से पत्नी सरिता के मोबाइल पर कॉल कर छह लाख रुपये की फिरौती मांगी।
सरिता ने विकास सिंह को यह जानकारी दी। जिसके बाद कोतवाली सेक्टर- 39 पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने फिरौती के लिए अपहरण का मामला दर्ज कर मामले की जांच सर्विलांस टीम और क्राइम ब्रांच को सौंपी। बदमाशों ने सरिता से परी चौक ग्रेटर नोएडा के पास पैसे लेकर आने की बात कही। सरिता सिर्फ दो लाख रुपये का ही इंतजाम कर सकी।
जिसे लेकर वह बुधवार शाम को परी चौक पहुंची, जहां नोएडा पुलिस पहले से मौजूद थी। बदमाशों ने सरिता से पैसे एक जगह रखवा लिए। जिसे लेने के दौरान पुलिस ने तीन बदमाशों को पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ग्रेटर नोएडा में एक ट्यूबवेल के पास पहुंची जहां राजेंद्र को चार बदमाशों ने बंधक बनाया था।
पुलिस के आते ही बदमाश राजेंद्र को छोड़कर फरार हो गए। छलेरा में रहने वाले शिवम् और राहुल तथा कुलेसरा में रहने वाले राजू तोमर को गिरफ्तार किया गया। वहीं मुख्य आरोपी कुलेसरा निवासी मुनीश, जहीर, सनी और बंटी फरार हैं।
जबरन खिलाते थे मांसाहारी खाना
पुलिस के मुताबिक बदमाश आठ दिनों से आटा कारोबारी पर नजर रख रहे थे। बदमाशों ने अपहरण करने के बाद विकास को पत्र लिखकर फिरौती की रकम मांगी थी। हालांकि यह पत्र विकास के पास पहुंचने से पहले ही राजेंद्र को छुड़ा लिया गया।
राजेंद्र ने बताया कि बदमाशों ने उनके आंखों में मिर्च डाल दी थी। इसके बाद आंखों पर पट्टी बांध कर उन्हें रात भर कार में घुमाते रहे। बदमाश एक स्थान पर कार रोक कर आधे घंटे से ज्यादा नहीं रुकते थे। बदमाशों के चंगुल से वह बृहस्पतिवार तड़के 4 बजे छूटने में कामयाब रहे।
इस दौरान बिताया गया एक-एक पल काफी कष्टदायक था। बदमाशों से जब उन्होंने खाना मांगा तो उन्हें जबरन मांसाहारी खाना खाने के लिए उन पर दबाव बना रहे थे जबकि राजेंद्र शाकाहारी हैं।
राजेंद्र के रिश्तेदारों का कहना है कि उन्होंने राजेंद्र के गायब होने और फिरौती की रकम मांगने की जानकारी कोतवाली देहात बुलंदशहर पुलिस को भी दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। उसके बाद परिजनों ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया।