शरीर के अंदर बुलेट की पोजिशन से आशंका जताई गई कि गोली बेहद नजदीक से चलाई गई, लेकिन हड्डी से टकराने के कारण उसका डायरेक्शन बदल गया। इसी कारण शरीर के अंदरूनी हिस्से को खासा नुकसान पहुंचा।
पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बुलेट की शरीर में एंट्री से लेकर अंतिम पोजिशन तक पूरा ब्यौरा लिखा है। इससे साफ है कि जिस भी शख्स ने सुमित पर गोली चलाई, वो बेहद नजदीक था और सुमित का चेहरा उसके बिल्कुल सामने था। ऐसे में सुमित की जान बचती तो शायद बवाल के असल मास्टरमाइंड का चेहरा बेनकाब हो जाता।
आशंका यह भी जताई जा रही है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व सुमित कुमार को एक ही हथियार से निशाना बनाया गया। इसके लिए पुलिस बुलेट की अलग से जांच करा रही है, जिससे मास्टरमाइंड को पकड़ा जा सके।