बीएमडब्ल्यू दुर्घटना मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि बीएमडब्ल्यू दुर्घटना मामले में पुलिस को आरोपियों को सबूतों का ब्योरा बताने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग 38 वर्षीय गगनप्रीत कौर की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। वह उस बीएमडब्ल्यू कार की चालक थीं जिसने राजधानी के धौला कुआं इलाके में वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
उन्होंने दुर्घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की। अदालत ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और एसएचओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्या जब्त की गई फुटेज में पिलर संख्या 65 और 67 पर लगे कैमरों की फुटेज शामिल है।