इनके कब्जे से पिछली तारीखों में तैयार की गईं विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्रियां व मार्कशीट, छह मोबाइल फोन और दस्तावेजों को बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया एक लैपटॉप बरामद किया गया है। आरोपी शिव शंकर मास्टरमाइंड है और वह पिछले 5-6 वर्षों से इस फर्जी रैकेट को चला रहा है। इससे पहले ये मियांवाली नगर थाने के इसी प्रकार के एक मामले में शामिल रह चुका है। ये लोगों को विश्वास दिलाने के लिए यूनिवर्सिटी से फर्जी कॉल करा देते थे।
इन यूनवर्सिटी की बनाते थे डिग्री
मेवाड़ यूनिवर्सिटी-राजस्थान, एमयूआईटी यूनिवर्सिटी-नोएडा, जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी-राजस्थान, विनायक मिशन यूनिवर्सिटी-सलेम, एमएनएस आईटीआई-हरियाणा, हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी, कलिंगा यूनिवर्सिटी आदि। सभी निजी विश्वविद्यालय हैं।
इन पाठ्यक्रमों की बनाते थे डिग्री
आरोपी बीएससी, बीबीए, एमबीए, बीटेक, एमटेक, एमसीए, बीए, बीकॉम आदि की डिग्री व अंकतालिका बना रहे थे। आरोपी सुनील मिश्रा पिछले दो वर्षों से आरोपी शिव शंकर के साथ काम कर रहा था। वह टेली-कॉलर, रिसीवर, फर्जी दस्तावेजों की डिलीवरी और डिग्री लेने के लिए आने लोगों को संभालने का काम कर रहा था। वह आरोपी शिव शंकर का काफी करीबी सहयोगी है।