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Delhi: मुठभेड़ में चार वाहन चोर गिरफ्तार, 58 मुकदमे दर्ज हैं गिरोह के सरगना पर; पुलिस ने जाल बिछाकर पकड़ा

Wed, 23 Oct 2024 06:48 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

अपराध शाखा पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि इंस्पेक्टर कमल के नेतृत्व में, इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन की देखरेख में पुलिस टीम वाहन चोरों की तलाश कर रही थी। करीब दो महीने की जांच के बाद पता लगा कि फरमान का गिरोह वाहनचोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह के चार बदमाशों को महरौली इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। इनसे एक पिस्तौल, 3 कारतूस और 2 खोखे बरामद किए गए हैं। यही नहीं, इनके पास से नकली नंबर प्लेट और टेम्पर्ड चेसिस नंबर वाली चोरी की गाड़ी और महंगी कारों की चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक उपकरण बरामद किए गए।

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अपराध शाखा पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि इंस्पेक्टर कमल के नेतृत्व में, इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन की देखरेख में पुलिस टीम वाहन चोरों की तलाश कर रही थी। करीब दो महीने की जांच के बाद पता लगा कि फरमान का गिरोह वाहनचोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। इंस्पेक्टर कमल को मंगलवार की रात सूचना मिली थी कि फरमान अपने साथियों के साथ महरौली इलाके में वाहन चोरी करने आएगा। टीम ने दो अलग-अलग कारों में महरौली इलाके में अपनी पोजीशन ली। रात 12.45 बजे टीम ने उसे तीन अन्य लोगों के साथ सेल्टोस कार में आते देखा। एक टीम ने घेराबंदी की और दूसरी टीम ने उनका पीछा करना शुरू कर दी।

शाह आलम रोड, महरौली रोड, दिल्ली में फरमान की गाड़ी को अपनी ओर आते देख पहली टीम ने ड्राइवर को रुकने का इशारा किया। तभी फरमान ने मौके से भागने के लिए अचानक पिस्तौल से पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। जवाब में एएसआई जफरूद्दीन ने उनकी कार के टायर पर गोली चलाई, जिससे कार रुक गई। पिस्तौल के साथ फरमान को पकड़ने के दौरान इंस्पेक्टर कमल के हाथ में हाथ में चोट लग गई। इसके बाद पुलिस टीम ने फरमान, मोहसिन, साहबजादा और जाहिद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। 

58 मुकदमे दर्ज हैं गिरोह के सरगना पर 
फरमान इस गिरोह का सरगना है। उसके खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 58 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी अपने मोबाइल बंद करके दिल्ली, यूपी और हरियाणा में घूमकर गाड़ियां चुराते थे। गिरोह चाबियों को डी-कोड करने के लिए स्कैनर का इस्तेमाल करता था और उसकी मदद से नई चाबियां तैयार करता था। पिछले कुछ महीनों में गिरोह ने दिल्ली और आस-पास के इलाकों से 50 से ज़्यादा गाड़ियां चुराई हैं। उन्हें मेरठ में अपने रिसीवर को डिलीवर किया है।

हमेशा हथियार रखता है
मेरठ, यूपी निवासी फरमान (28) हमेशा एक लोडेड पिस्तौल रखता है। ये पहली बार वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी दिल्ली और यूपी में वाहन चोरी, डकैती, स्नैचिंग, अपहरण, बलात्कार, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट आदि के 58 वारदातों मामलों में शामिल रहा है। वह चोरी करने के लिए स्कैनर चलाने में भी माहिर है। वह प्रत्येक वाहन को 1-1.5 लाख रुपये में बेचता था।
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गिरोह में हर किसी का काम बंटा हुआ था
गाजियाबाद, यूपी निवासी आरोपी मोहसिन को फरमान से प्रति रात 15 हजार से 20 हजार रुपये मिलते थे। वह वाहन चोरी करने के लिए चाबियों को डिकोड करने में मदद करता है। वह पहले भी दिल्ली और यूपी में वाहन चोरी, सेंधमारी, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, दंगा आदि के 27 मामलों में शामिल रहा है। गौतमबुद्ध नगर, यूपी निवासी साहबजादा  पेशे से ड्राइवर है। वह पहले दिल्ली, उत्तराखंड और यूपी में ऑटो चोरी और धोखाधड़ी के 3 मामलों में शामिल रहा है। मुजफ्फरनगर, यूपी आरोपी जाहिद पेशे से स्क्रैप डीलर है। वह मेरठ में फरमान के संपर्क में आया और पैसे कमाने के लिए गिरोह में शामिल हो गया। वह प्रति रात पांच हजार रुपये कमाता था। उसकी भूमिका घटनास्थल पर नजऱ रखना था। वह पहले दिल्ली में ऑटो चोरी के 2 मामलों में शामिल रहा है।
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