बेटी को आईपीएस बनाने के नाम पर महिला से 27 लाख रुपये और 19 सोने के सिक्के की ठगी करने वाले अभियुक्त के पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से 13.95 लाख रुपये और 19 सोने के सिक्के बरामद किए हैं, जबकि ठगी करने वाले आरोपी को वाराणसी पुलिस पूर्व में ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि 11 जून को पानीपत के थाना मॉडल टाउन निवासी उदिता शर्मा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि गोविंद नगर क्षेत्र की बाटी वाली कुंज में मायका है। फरवरी माह में उसकी फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उसने अपना नाम अभिजीत बताया। फेसबुक पर उससे बात हुई तो उसने स्वयं को आईपीएस अफसर बनाने की तैयारी करने की जानकारी दी।
'60 लाख रुपये में आईपीएस अधिकारी बना देगा'
बताया कि उसका एक जानकार संदीप शर्मा है। वह यूपीएससी का पेपर क्लियर कराने का कार्य करता है। वह 60 लाख रुपये में पीड़िता की बेटी आइना को आईपीएस अधिकारी बना देगा। पीड़िता की बेटी गुड़गांव में प्राइवेट कंपनी में जॉब करती है। जब पीड़िता ने उससे पूछा तो बेटी ने भी मना कर दिया, लेकिन अभिजीत लगातार व्हाट्सएप पर कॉल करता रहा।
30 लाख रुपये की मांग की
उसने बताया कि उसकी आईपीएस की ट्रेनिंग शुरू होने वाली है तो भविष्य में वह बात नहीं कर पाएगा। इसलिए संदीप शर्मा ही बात करेगा। अप्रैल माह में संदीप ने वाट्सएप काल करके अभिजीत का परिचय देकर बात की और यूपीएससी में सिलेक्शन के लिए 60 लाख रुपये मांगे। संदीप ने 30 लाख रुपये की मांग की। साथ ही बताया कि वह 20 लाख रुपये अपनी मां से ले लेगा तुम कुछ रुपये का इंतजाम कर लो।
सात लाख रुपये और 19 सोने के सिक्के दिए
उसने 21 मई को भूतेश्वर पर सात लाख रुपये और 19 सोने के सिक्के प्लास्टिक के बैग में रखकर दिए। इसके बाद 28-29 मई को दोबारा फोन करके बताया कि बेटी की फाइल जमा हो गई है। नौ जून को एक होटल में उसने संदीप को 20 लाख रुपये दिए। रुपये लेने के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
संदीप शर्मा का असली नाम मुनफेद
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि संदीप शर्मा का असली नाम मुनफेद है और वह गोवर्धन के गांव देवसेरस का निवासी है। वाराणसी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसने भी उदिता शर्मा के साथ 27 लाख की ठगी स्वीकारी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवपाल सिंह पुंडीर ने बृहस्पतिवार की रात को मुनफेद के पिता आमीन को गोवर्धन थाना क्षेत्र के देवसेरस से डीग जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। आमीन के कब्जे से पुलिस ने 13.95 लाख की नकदी और 19 सोने के सिक्के बरामद किए।
संदीप और अभिजीत बनकर की ठगी
एसपी क्राइम ने बताया कि संदीप और अभिजीत दोनों एक ही व्यक्ति के नाम है। संदीप शर्मा का असली नाम मुनफेद है। पीड़िता से पहली बार उसने भूतेश्वर पर गाड़ी में नकदी ली, इसके बाद पीड़िता के सामने अभिजीत बनकर आया और होटल में 20 लाख की नकदी ली।
वाराणसी में महिला से 16 लाख की ठगी की
वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के पीआरओ रहे सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार राणावत के नाम और फोटो लगाकर फेसबुक के माध्यम से वाराणसी में महिला से 16 लाख की ठगी की थी। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि देवसेरस निवासी मुनफेद ने अनीता यादव नामक महिला को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर झांसे में लिया और 16 लाख रुपये ठग लिए।
14 महिलाओं से ठग चुका है लाखों की धनराशि
पीड़िता ने 27 मई को इसकी शिकायत वाराणसी के पुलिस आयुक्त से की। पुलिस आयुक्त ने महिला का मुकदमा कैंट थाने में दर्ज कराया और क्राइम ब्रांच को भी जांच में लगा दिया। जांच में पता चला कि दीपक कुमार राणावत का ठगी से कोई लेना देना नहीं है। दीपक राणावत ने भी अज्ञात युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो पूछताछ में उसने बताया कि अब तक वह 14 महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस आरोपी द्वारा ठगी गई महिलाओं की जानकारी में जुटी है।
गिरफ्तार करने में यह लोग रहे शामिल
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवपाल सिंह पुंडीर, बाग बहादुर चौकी प्रभारी मांगेराम, एसआई कुशलपाल सिंह, अजय कुमार, अरविंद सिंह सिवाल, हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार, कांस्टेबल धीरज कुमार, धर्मेंद्र कुमार शामिल रहे।