मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से लोकेशन का पता लगाया
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से लोकेशन का पता लगाया, जो गौर सिटी क्षेत्र स्थित व्हाइट ऑर्किड अपार्टमेंट और राधा स्काई गार्डन सोसाइटी निकला। यहां तलाशी लेने पर ध्रुव नामक युवक सहित तीन अन्य आरोपी मिले। तलाशी के दौरान पुलिस को लैपटॉप, मोबाइल फोन, अवैध सिम और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।
सट्टेबाजी एप रुद्रा क्रिक लाइव से जुड़े थे आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोग रुद्रा क्रिक लाइव के जरिए लाइव क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाते हैं। एप पर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ग्राहक जोड़कर उन्हें सट्टेबाजी की आईडी दी जाती थी। यह आईडी इंटरनेशनल नेटवर्क से लिंक होती थी और सारा काम मोबाइल और लैपटॉप के जरिए किया जाता था।
रोजाना 30 लाख रुपये का लेनदेन
मुख्य अभियुक्त भीम सिंह ने बताया कि उनके गिरोह के सदस्य रोजाना लगभग 30 लाख तक की सट्टेबाजी करते थे। यह रकम फर्जी नामों से खोले गए खातों में ट्रांसफर की जाती थी, जिसे गिरोह का सरगना जो कि थाईलैंड और दुबई में बैठा है, वहां से ऑपरेट करता था। गिरोह को फर्जी दस्तावेज, बैंक अकाउंट, सिम कार्ड आदि वहीं से उपलब्ध कराए जाते थे।
अपहरण की कहानी थी झूठी
पुलिस ने जब भीम सिंह से पूछताछ की तो उसने बताया कि यह अपहरण की कहानी खुद उसने और उसके साथियों ने बनाई थी ताकि वह अपने पिता से कुछ पैसे वसूल सके। इसके लिए उन्होंने अपने ही मोबाइल से कॉल करके फिरौती मांगी थी।