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प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

Fri, 30 Jun 2017 10:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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नरेंद्र कटारिया हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों शशिकांत एवं अर्जून निवासी बसई को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने हत्या की वजह का भी खुलासा हो गया है। 
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हांलाकि हत्याकांड का मास्टरमांइड सुमित और उसका दोस्त ललित उर्फ मौनी अभी फरार है। पुलिस जल्द ही उनको गिरफ्तार करने की बात कह रही है।  हालांकि इस हत्याकांड के लिए कई ऐसे भी वजह भी सामने आई हैं जिन्हें पुलिस फिलहाल बताने में कतरा रही है। 

बता दे कि घटना 22 जून की देर शाम को हुई थी। उस समय नरेंद्र कटारिया निवासी बसई गांव बैडमिंटन खेल कर अपने घर लौट रहे थे। तभी बाइक सवार चार बदमाशों ने बसई गांव निवासी नरेंद्र कटारियां पर पांच राउंड गोली चलाई थी जिससे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उसके बाद चारों बदमाशों ने बसई गांव के पास भी गोली चलाते हुए  फरार हो गए थे।  इसी से पुलिस को आरोपियों को पकडने का सुराग मिला था। 
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डीसीपी सुमित कुमार ने हत्या के बाद नरेंद्र के भाई ने पुलिस को शक की बिनाह पर दो लोगों के खिलाफ  नामजद मामला दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस की प्राथमिक जांच में ही इन दोनों आरोपियों का मामले से कोई लेना देना नहीं पाया गया। हालांकि इसी दौरान पता चला कि नरेंद्र की गांव के ही सुमित नामक युवक के साथ हाल ही में झगड़ा हुआ था। इसी बात को लेकर सुमित ने नरेंद्र की हत्या की योजना बनाई और गांव के ही शशिकांत उर्फ सन्नी के अलावा हत्या के मामले में जेल से जमानत पर आए ललित उर्फ मोनी एवं अर्जून की मदद से 22 जून को वारदात को अंजाम दिया। 

पुलिस ने शूटर अर्जून एवं एक अन्य आरोपी शशिकांत को चंदू टीप्वाइंट से गिरफ्तार कर शुक्रवार को अदालत में पेश किया। जहां से दोनों को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस ने अर्जून के पास से एक देशी पिस्टल एवं चार जिंदा कारतूस भी बरामद किये है। 

अवैध संबंधों के चलते हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक सुमित एवं नरेंद्र के बीच हाल तक अच्छे संबंध थे। इसी दौरान नरेंद्र को कहीं से सूचना मिली कि उसकी बहन के ऊपर सुमित की बुरी नजर है। इसी बात को लेकर पिछले दिनों दोनों में झगड़ा भी हुआ था। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस झगड़े के बाद से ही सुमित बदला लेने की फिराक  में रहने लगा और आखिरकार उसने अपने साथियों की मदद से नरेंद्र की हत्या कर दी।

अर्जून एवं मोनी ने चलाई थी गोली
पुलिस उपायुक्त अपराध वारदात के लिए एक बाइक पर शशिकांत एवं अर्जून तथा दूसरी बाइक पर सुमित एवं मोनी बैडमिंटन ग्राउंड पर गए थे। इस दौरान सुमित एवं शशिकांत तो बाइक चला रहे थे। वहीं पीछे बैठे अर्जून एवं मोनी ने पिस्टल से गोली चलाई। इन दोनों के द्वारा चलाई गई दो दो गोलियां नरेंद्र को लगी। जिससे उसकी मौत हो गई। 

आदतन अपराधी हैं दोनों शूटर
पुलिस के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटर अर्जून एवं मोनी आदतन अपराधी है। मोनी ने 2014 में गऊशाला संचालक संदीप की गोली मारकर हत्या का अरोप है। तब से वह जेल में था और पिछले महीने ही जमानत पर छूट कर बाहर आया है। वहीं अर्जून ने 2016 में अदालत के अंदर एक वकील को गोली मारी थी। 

फरार हैं मोनी एवं सुमित
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सुमित एवं शूटर मोनी अभी तक फरार हैं। इनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। सुराग मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच भी रही है।  लेकिन वह लगातार स्थान बदल रहे हैं। 
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