नेबसराय थाना पुलिस ने संगम विहार के विधायक दिनेश मोहनिया की गिरफ्तारी को बहुत ही गुप्त तरीके से अंजाम दिया है। पुलिस ने विधायक और उसके समर्थकों को इस बात की भनक नहीं लगने दी थी कि दर्ज एफआईआर में मोहनिया के खिलाफ छेड़छाड़ की गैर जमानती धाराएं जोड़ दी गई हैं।
महिला ने कोर्ट में दिए बयानों में विधायक पर छेड़छाड़ व कपड़े फाड़ने के आरोप लगाए हैं। मोहनिया ने शुक्रवार सुबह अपने समर्थकों को नेबसराय थाने जाकर पूछताछ में शामिल होने की बात कह दी थी।
लेकिन उन्हें इस बात का आभास नहीं था कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए ढूंढ रही है। विधायक के एक खास साथी ने बताया कि उन्हें ये पता था कि मोहनिया समर्थकों के साथ नेबसराय थाने जाएंगे। पुलिस विधायक को गिरफ्तार कर लेगी और फिर जमानत पर रिहा कर देगी। क्योंकि उनके खिलाफ 22 जून को जो एफआईआर दर्ज है वह जमानती धाराओं में है।
महिला के बयान देते ही वांटेड की तरह हुई मोहनिया की तलाश
दिनेश मोहनिया
- फोटो : ANI
एफआईआर में छेड़छाड़ की धाराएं जोड़ने की जानकारी न तो विधायक को पता लगी और न ही समर्थकों को। दूसरी तरफ जैसे ही पीड़ित महिला ने कोर्ट में विधायक द्वारा छेड़छाड़ करने का बयान दिया उसके बाद पुलिस ने विधायक दिनेश मोहनिया को वांटेंड की तरह तलाश करना शुरू कर दिया।
नेबसराय थाना पुलिस सूत्रों के अनुसार, विधायक को पहले तफ्तीश में शामिल होने के लिए दो नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उनके परिजनों ने नोटिस लेने से मना कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार रात विधायक को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दी, पर वह नहीं मिले।
इसके बाद शनिवार दोपहर को मोहनिया जब खानपुर में प्रेस वार्ता कर रहे थे उसी समय भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और विधायक को मीडिया के बीच से उठा लिया। महिला ने अपने बयान में विधायक के साथियों पर भी आरोप लगाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विधायक के साथियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
आप विधायक दे रहे थे आरोपों पर सफाई
दिनेश मोहनिया की गिरफ्तारी
- फोटो : ट्विटर से
गिरफ्तारी के समय विधायक दिनेश मोहनिया मीडियाकर्मियों को बुलाकर अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें किसीके साथ छेड़छाड़ व बदतमीजी नहीं की।
उनके ऊपर लगे आरोप झूठे हैं। दिल्ली पुलिस रात को जिस तरह से उनके घर बिना सूचना दिए पहुंची, उससे लगता है कि पुलिस किसी के निर्देश पर काम कर रही है।
कई समर्थक थाने पहुंचे
मोहनिया की गिरफ्तार करने की सूचना जैसे-जैसे उनके समर्थकों के पास पहुंची तो वे नेबसराय थाने पहुंचने लगे। शाम तक विधायक के करीब दो हजार
समर्थक नेबसराय थाने पहुंच गए थे। समर्थकों ने विधायक के समर्थन में नारेबाजी भी की।