प्रसिद्ध कवि गोपालदास नीरज का हमारे बीच न रहना साहित्य जगत में बड़ा खालीपन हो गया है। यह बात नोएडा के कवि बाबा कानपुरी ने कही। उन्होंने बताया कि नीरज इतने बड़े कवि होने के बाद भी नए कवियों को बेहद प्यार करते थे।
देशभर में उनके साथ कवि संमेलन में कविता पाठ करने का मौका मिला। कभी भी उन्होंने कोई किसी कवि के बारे में ऐसी बात नहीं कही, जिससे ठेस लगी हो। सभी कवियों को उत्साह बढ़ाते रहते थे।
करीब सात माह पहले समाजसेवी राजन श्रीवास्तव द्वारा आयोजित शौर्य कवि संमेलन में भाग लेने आए थे, यह उनका नोएडा का अंतिम दौरा ही था। बताया कि वह नोएडा में दर्जनों बार कविता पाठ कर चुके हैं।
उनकी सहजता ने ही उन्हें महान कवि बनाया। इतना नाम कमाने के बाद भी वह अपनी मिट्टी से कभी दूर नहीं हुए। बाबा ने एक संस्मरण बताया कि वर्ष 1997 की बात है।